बैतूल के आठनेर विकासखंड के सातनेर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 में बच्चों को दिए जाने वाले दलिये में इल्लियां मिलने का दावा करते हुए एक महिला ने वीडियो शेयर किया है। करीब 1 मिनट 12 सेकेंड के इस वीडियो में महिला बच्चों के टिफिन में रखे भोजन में इल्लियां होने की बात कहती सुनाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने केंद्र पहुंचकर जांच की है। देखें दो तस्वीरें… महिला ने फेसबुक पर पोस्ट किया वीडियो
मीना नाम की महिला ने अपने फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वह बच्चों के टिफिन में रखे भोजन में इल्लियां होने की बात कहती दिखाई दे रही है। वह बच्चों से पूछती है कि क्या सभी के डिब्बों में इल्लियां निकली हैं। वीडियो में मौजूद बच्चे इसके जवाब में हां कहते सुनाई देते हैं। महिला वीडियो में आंगनवाड़ी के बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। वह कहती है कि यदि इस तरह का भोजन खाने से बच्चे बीमार पड़ते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? विभागीय जांच में नहीं मिले पुष्टि करने वाले तथ्य
वीडियो वायरल होने के बाद आठनेर की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रंजिता जोशी सातनेर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 पहुंचीं। उनके अनुसार, वायरल वीडियो शुक्रवार का है। विभाग के पास उस दिन वितरित किए गए भोजन के फोटोग्राफ उपलब्ध हैं, जिनमें इल्लियां दिखाई नहीं दे रही हैं। सीडीपीओ ने बताया कि मौके पर की गई जांच में भी ऐसे तथ्य नहीं मिले, जिनसे वीडियो में किए गए दावे की पुष्टि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित जय शारदा मां समूह तीन आंगनवाड़ी केंद्रों में नाश्ता उपलब्ध कराता है। उनके अनुसार, अन्य केंद्रों से भी इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। भोजन वितरण से पहले जांच का दावा
सीडीपीओ के मुताबिक, आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को भोजन देने से पहले मातृ सहयोगिनी समिति की महिलाएं उसकी जांच करती हैं। इस मामले में समिति की महिलाओं के बयान भी दर्ज किए गए हैं। विभागीय अधिकारी के अनुसार, उनके बयानों से भी दलिये में इल्लियां मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र में कार्यकर्ता का पद रिक्त
जानकारी के अनुसार, सातनेर के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 में कार्यकर्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद से पद रिक्त है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आई है कि संबंधित शुक्रवार को केंद्र से केवल एक बच्चे को दलिया दिया गया था। हालांकि, इस जानकारी की पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे वास्तव में इसी आंगनवाड़ी केंद्र के हैं या नहीं, इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो साझा करने वाली मीना सेवानिवृत्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की रिश्तेदार हैं। इस संबंध में मीना का पक्ष सामने नहीं आया है।

