जालोर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाया। पीठासीन अधिकारी धनश्याम यादव ने नवजीवन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की उम्मेदाबाद शाखा को आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता को 1.64 लाख रुपए अदा करें। परिवादी कमला देवी निवासी ओटवाला ने उपभोक्ता आयोग जालोर में परिवाद पेश कर बताया कि उसने नवजीवन क्रेडिट काँ आपरेटिव सोसायटी मे 27 मार्च 2017 को एक लाख दस हजार रूपये की एफ.डी. करवाई । जिसकी परिपक्वता राशि 27 जून 2020 को 1.64 लाख रुपये थी। परिवादी ने एफडी की परिवक्वता राशि का भुगतान करने का कहने पर नवजीवन सोसायटी ने 1.64 लाख रूपये का चेक जारी किया गया, लेकिन चैक बैंक में प्रस्तुत करने पर खाता बंद होने के कारण चेक अनादरित होकर वापस आ गया। इसके बाद परिवादी द्वारा राशि प्राप्त करने के प्रयास किए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
मामले में सोसायटी को नोटिस जारी किए गए, लेकिन वे आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को विपक्षी पक्षों के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई गई। आयोग के अध्यक्ष धनश्याम यादव व सदस्य निरंजन शर्मा ने उपलब्ध दस्तावेजों एवं परिवादी के शपथ पत्र के आधार पर परिवाद स्वीकार करते हुए नवजीवन क्रेडिट सोसायटी को आदेश दिया कि वे 45 दिन के भीतर 1,64,000 रुपये की परिपक्वता राशि का भुगतान करें। इस राशि पर परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख 27 जून 2022 से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा आयोग ने मानसिक एवं आर्थिक परेशानी के लिए 10,000 रुपये और परिवाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये सहित कुल 15,000 रुपये भी 45 दिन के भीतर अदा करने के आदेश दिए हैं।


