दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) परियोजना में कार्यरत टिकटिंग स्टाफ के साथ कथित श्रम शोषण, न्यूनतम वेतन उल्लंघन और कर्मचारियों को डराने-धमकाने के गंभीर मामलों को लेकर आजाद अधिकार सेना ने शिकायत दर्ज कराई है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने इस संबंध में NCRTC, DB RRTS ऑपरेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, श्रम विभाग और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) को विस्तृत शिकायत भेजी है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि दिल्ली-मेरठ RRTS (नमो भारत रैपिड रेल) में टिकट काउंटर पर लगभग 87-90 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को निंबस हार्बर फैसिलिटीज मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से अनुबंध पर नियुक्त किया गया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है, और उन्हें वेतन कटौती की धमकियां भी दी जा रही हैं।
शिकायत के अनुसार, कर्मचारियों को पहले प्रतिदिन ₹456 और बाद में ₹576 का भुगतान किया गया। वर्तमान में सरकार द्वारा निर्धारित लगभग ₹738 प्रतिदिन का वेतन लागू होने के बाद, कंपनी अधिकारी इसे “गलती से अधिक भुगतान” बता रहे हैं। उन्होंने अगले महीने के वेतन से इस राशि की कटौती करने की बात कही है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश कर्मचारियों को नौ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लिखित नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के अधिकारी उन्हें “नौकरी से निकाल देंगे”, “सैलरी काट देंगे” और “ग्रुप में मत बोलो” जैसी धमकियां देकर दबाव बना रहे हैं। आजाद अधिकार सेना ने इस मामले में न्यूनतम वेतन कानून, कोड ऑन वेजेस 2019, कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट और अन्य श्रम कानूनों के संभावित उल्लंघन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन ने NCRTC और DB RRTS प्रबंधन से ठेकेदार कंपनी पर तत्काल कार्रवाई करने और सभी कर्मचारियों को वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो श्रमिकों के हित में व्यापक आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


