मध्यप्रदेश राज्य सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने बुधवार देर शाम जिला अधिकारियों और नगरीय निकायों के सीएमओ की समीक्षा बैठक ली। नीमच प्रवास के दौरान सफाई कामगारों के वेतन भुगतान और अन्य लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सफाई कामगारों के हितों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सफाई कामगारों का वेतन हर महीने की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए। सफाई कर्मियों के लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश इसके अलावा, एनपीएस, पेंशन, पीएफ, ईएसआई और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। करोसिया ने यह भी निर्देश दिए कि परिवार के सदस्यों की मृत्यु के मामलों में उपादान (ग्रेच्युटी) का भुगतान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। श्री करोसिया ने सफाई कामगार परिवारों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को उनके कौशल उन्नयन के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए। रिक्त पद पर सफाई कामगारों के लिए भर्ती के निर्देश इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों और नगरीय निकायों में रिक्त पड़े सफाई कामगारों के पदों की समीक्षा करने को कहा। पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को तत्काल स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। आयोग अध्यक्ष ने नीमच सीएमओ को शहर में सफाई कामगारों के लिए विशेष आवासीय कॉलोनी विकसित करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। इसमें व्यावसायिक दुकानें निर्मित कर उन्हें आवंटित करने का प्रावधान भी शामिल होगा। उन्होंने बस्तियों के विकास और मांगलिक कार्यों के लिए सामुदायिक भवन हेतु भूमि चिन्हित करने पर भी विशेष जोर दिया। इस समीक्षा बैठक में एडीएम बी.एस. कलेश, एएसपी एन.एस. सिसोदिया सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहे। अधिकारियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं, जैसे आयुष्मान, प्रधानमंत्री आवास और बीमा योजनाओं में सफाई कामगारों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।


