जौनपुर के केराकत इलाके के सिहौली घाट पर 13 अक्टूबर को गोमती नदी में डूबीं दो बच्चियों के शव रविवार देर शाम गाजीपुर में गंगा नदी में मिले हैं। बच्चियों की मां लक्ष्मी देवी ने कथित तौर पर पति की धमकी के बाद नदी में छलांग लगाई थी। लक्ष्मी देवी की बहन किरण देवी ने बताया कि 13 अक्टूबर को लक्ष्मी के पति सत्येंद्र यादव ने फोन पर धमकी दी थी कि “तुमको मार देंगे, तुमको छोड़ेंगे नहीं।” परिवार के लोगों ने बताया कि पति-पत्नी के बीच कई सालों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते लक्ष्मी पिछले छह महीने से अपनी दोनों बच्चियों के साथ मायके में रह रही थी। बच्चियों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी भी मायके वाले ही उठा रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि पति सत्येंद्र लंबे समय से लक्ष्मी के साथ मारपीट करता था। परिजनों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी और उससे जुड़े दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। दोनों के बीच विवाद सुलझाने के लिए कई बार प्रयास भी किए गए थे। लक्ष्मी की बहन किरण ने बताया कि 13 अक्टूबर को उनकी बहन के दोनों बच्चों को नदी में फेंकने की घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी छह महीने से मायके में रह रही थी। यहां उसकी बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई और देखभाल हो रही थी। एक बच्ची के जन्मदिन पर ससुराल पक्ष की ओर से लक्ष्मी के पास संदेश आया था। इसके बाद फोन पर बच्चों से उसकी बात कराई गई। किरण के अनुसार, लक्ष्मी को उम्मीद थी कि शायद अब उसका पति सुधर जाए और परिवार दोबारा संभल सके। किरण ने बताया कि उनके पिता कैंसर से पीड़ित हैं। परिवार में चार भाई और पांच बहनें हैं। पिता की बीमारी और परिवार की परेशानियों को देखते हुए मायके पक्ष ने समझौते की कोशिश की थी। सिर में चोट लगने की बात भी सामने आई परिजनों का आरोप है कि सत्येंद्र पहले भी लक्ष्मी के साथ मारपीट करता था। कुछ समय पहले उसके सिर में चोट लगने की बात भी सामने आई थी, जिसकी जांच चल रही थी और संबंधित कागजात परिवार के पास मौजूद थे। किरण के मुताबिक, जब समझौते के प्रयास सफल नहीं हुए तो मायके वाले लक्ष्मी को वापस अपने घर ले आए और इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया। उनका आरोप है कि सत्येंद्र ने लक्ष्मी से कहा था कि वह उसे पहले की तरह परेशान करेगा और थाने में मौजूद कागजात को कोर्ट तक नहीं पहुंचने देगा। परिजनों के अनुसार, सत्येंद्र ने बच्चों को वापस देने की बात कहते हुए लक्ष्मी से यह भी कहा था कि वह कहीं भी मर जाए, उसे कोई मतलब नहीं है। किरण ने बताया कि घटना वाले दिन लक्ष्मी घर से नहाने और खाना खाने के बाद दोनों बच्चियों को भी नहलाकर नए कपड़े पहनाए। इसके बाद वह दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। परिजनों को लगा कि वह अपनी नियमित दवा लेने जा रही है। किरण के अनुसार, सत्येंद्र ने उसे अपनी ओर आने के लिए भी कहा था। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। दोनों बच्चियों को तैयार करके ले गई शाम को घटना की सूचना मिलने पर उन्हें पूरे मामले का पता चला। परिवार की भाभी रीना ने भी बताया कि लक्ष्मी दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। वह दोनों बच्चियों को तैयार करके ले गई थी। परिवार को उम्मीद नहीं थी कि कुछ देर बाद ऐसी घटना की जानकारी मिलेगी। ससुराल में लंबे समय से प्रताड़ित किया मायके पक्ष का आरोप है कि लक्ष्मी को ससुराल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, गांव के प्रधान और अन्य लोगों ने भी कई बार दोनों के बीच विवाद सुलझाने का प्रयास किया था। परिवार का कहना है कि लक्ष्मी मानसिक तनाव से भी गुजर रही थी और उसे उम्मीद थी कि पति के व्यवहार में बदलाव आएगा। घटना को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ये था पूरा मामला जौनपुर के केराकत के सिहौली घाट पर 13 अक्टूबर को एक महिला अपने दो बच्चों के साथ गोमती नदी में कूद गई थी। महिला किसी तरह नदी से बाहर निकल आई, जबकि उसके दोनों बच्चे तेज बहाव में लापता हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोग बच्चों की तलाश में जुट गए थे। महिला के अलग-अलग बयान देने पर पुलिस घटना को संदिग्ध मानकर जांच कर रही थी। आजमगढ़ के कपसेठी निवासी लक्ष्मी अपने दो बच्चों साक्षी (9) और मीनाक्षी (8) के साथ सिहौली घाट पहुंची थी। बताया जा रहा है कि शाम करीब छह बजे महिला ने दोनों बच्चों के साथ गोमती नदी में छलांग लगा दी। नदी के तेज बहाव में दोनों बच्चे बह गए, जबकि लक्ष्मी किसी तरह नदी से बाहर निकल आई।घाट के बाहर मौजूद एक व्यक्ति ने महिला को भीगी साड़ी में देखा। उसने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को कोतवाली ले आई। दोनों बच्चे नदी में बह गए हैं पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि दोनों बच्चे नदी में बह गए हैं। इधर, लक्ष्मी और दोनों बच्चों के लापता होने से परेशान परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस की सूचना पर परिजन कोतवाली पहुंचे। वहां घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन स्तब्ध रह गए थे। बताया गया कि लक्ष्मी की शादी कपसेठी में हुई थी। वह पिछले करीब पांच महीने से अपने मायके भुड़की देवगांव, आजमगढ़ में पिता के साथ रह रही थी। दोनों बच्चों के साथ नदी में छलांग लगाई लक्ष्मी का एक बेटा सचिन भी है। महिला ने किन परिस्थितियों में अपने दोनों बच्चों के साथ नदी में छलांग लगाई और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। महिला के बयानों में अंतर मिलने के बाद पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही थी।

