बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत में अमर नवयुवक छात्र संघ पूजा समिति के भंडारे में कांग्रेस के पूर्व सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पहुंचे। उन्होंने वर्तमान सदर विधायक आनंद मिश्रा पर निशाना साधा। तिवारी ने कहा कि त्योहारों पर जनप्रतिनिधियों का जनता के बीच होना जरूरी है, ताकि लोगों को लगे कि उनका प्रतिनिधि उनके साथ है। ”जनप्रतिनिधि जनता के बीच विश्वास पैदा करने में सफल नहीं” मुन्ना तिवारी ने जोर दिया कि जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनकी आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि वे 40 साल से बक्सर जिले की सेवा कर रहे हैं और जनता की आवाज सड़क से सदन तक पहुंचाते रहेंगे। पूर्व विधायक ने बक्सर की सड़क, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि जनता के बीच विश्वास पैदा करने में सफल नहीं रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर प्रभावी दबाव बनाने की जरूरत बताई। बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा फिर चर्चा में तिवारी ने साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार शैलेश कुमार मिश्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने शैलेश को बलि का बकरा बनाए जाने की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही कमल सेवा केंद्र और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की बात कही। मुन्ना तिवारी ने कहा कि किसी भी मामले में सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो सके। फिलहाल, पूर्व विधायक के इन बयानों से बक्सर की स्थानीय राजनीति में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत में अमर नवयुवक छात्र संघ पूजा समिति के भंडारे में कांग्रेस के पूर्व सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पहुंचे। उन्होंने वर्तमान सदर विधायक आनंद मिश्रा पर निशाना साधा। तिवारी ने कहा कि त्योहारों पर जनप्रतिनिधियों का जनता के बीच होना जरूरी है, ताकि लोगों को लगे कि उनका प्रतिनिधि उनके साथ है। ”जनप्रतिनिधि जनता के बीच विश्वास पैदा करने में सफल नहीं” मुन्ना तिवारी ने जोर दिया कि जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनकी आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि वे 40 साल से बक्सर जिले की सेवा कर रहे हैं और जनता की आवाज सड़क से सदन तक पहुंचाते रहेंगे। पूर्व विधायक ने बक्सर की सड़क, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि जनता के बीच विश्वास पैदा करने में सफल नहीं रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर प्रभावी दबाव बनाने की जरूरत बताई। बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा फिर चर्चा में तिवारी ने साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार शैलेश कुमार मिश्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने शैलेश को बलि का बकरा बनाए जाने की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही कमल सेवा केंद्र और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की बात कही। मुन्ना तिवारी ने कहा कि किसी भी मामले में सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो सके। फिलहाल, पूर्व विधायक के इन बयानों से बक्सर की स्थानीय राजनीति में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

