Tum Mere Ho Movie Review: गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय की फ्रेश जोड़ी और रोमांटिक म्यूजिक के साथ एक इंगेजिंग लव स्टोरी सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। ‘सैयारा’ के शान ग्रोवर भी फिल्म में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म को आशीष पांडा ने डायरेक्ट किया है।
प्यार, धोखा, आकर्षण और रिश्तों के उतार-चढ़ाव से सजी इस फिल्म में रोमांस के साथ कई दिलचस्प मोड़ भी देखने को मिलते हैं। फिल्म के गाने दर्शकों को पसंद आ रहे हैं। आइए, जानते हैं कैसी है ये प्रेम कहानी।
कैसी है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी थाईलैंड से शुरू होती है। आकाश (गुरमीत चौधरी) को स्काईडाइविंग का शौक है और वो अपनी एक स्काईडाइविंग कंपनी भी चलाता है। इस कंपनी में निशा (अनुष्का लुहार) के पिता ने निवेश किया है। आकाश निशा से प्यार करता है और उसे अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानता है। आकाश को सरप्राइज देने के लिए निशा एक पार्टी आयोजित करती है, जहां वो आकाश के साथ अपनी सगाई का ऐलान कर देती है। लेकिन इसी पार्टी में आकाश निशा को उसके प्रेमी के साथ देख लेता है। ये धोखा उसके लिए किसी झटके से कम नहीं होता। वो निशा से सारे रिश्ते खत्म कर भारत लौटने और अपनी कजिन की शादी में शामिल होने का फैसला करता है। आकाश को लगता है कि ये निशा से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने का सही मौका है।
कजिन की शादी में आकाश की मुलाकात पहली बार तमन्ना (ईशा मालवीय) से होती है। खूबसूरत, चुलबुली और जिंदादिल तमन्ना की मौजूदगी आकाश को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्यार में धोखा खा चुका आकाश धीरे-धीरे तमन्ना के करीब आने लगता है। लेकिन तमन्ना की ज़िंदगी भी इतनी सीधी नहीं है। वो साहिल (शान ग्रोवर) से प्यार करती है। ऐसे में आकाश और तमन्ना की मुलाकातों के बीच भावनाओं, रिश्तों और प्यार की एक नई कहानी आकार लेने लगती है। क्या आकाश अपने पुराने दर्द को भुलाकर फिर से प्यार पर भरोसा कर पाएगा? और क्या तमन्ना की जिंदगी में भी मोहब्बत कोई नया मोड़ लेगी? इन सवालों के जवाब फिल्म की कहानी में मिलते हैं।
गुरमीत और बाकी किरदारों की फिल्म में परफॉर्मेंस
आकाश के किरदार में गुरमीत चौधरी फिल्म की जान हैं। एक रोमांटिक और भावुक प्रेमी के रूप में वो अपने अभिनय से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उनके किरदार में प्यार, टूटे दिल का दर्द, गुस्सा और भावनात्मक उलझन जैसे कई रंग देखने को मिलते हैं। गुरमीत इन भावनाओं को सहजता से पर्दे पर उतारते हैं और कई सीन्स में अपनी मौजूदगी से प्रभाव छोड़ते हैं। फ़िल्म का केंद्र उनका किरदार है और वह इसकी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं।
ईशा मालवीय की यह डेब्यू फिल्म है। तमन्ना के किरदार में वह ताज़गी और आत्मविश्वास के साथ नजर आती हैं। उनका चुलबुलापन और पर्दे पर सहज उपस्थिति किरदार को आकर्षक बनाती है। उनके अभिनय में संभावनाएं दिखाई देती हैं और आने वाले समय में उनसे बेहतर काम की उम्मीद की जा सकती है। गुरमीत के साथ उनकी जोड़ी भी नई और दिलचस्प लगती है।
अनुष्का लुहार निशा के नकारात्मक पहलुओं वाले किरदार के साथ न्याय करती हैं। वहीं, आकाश की दादी के रूप में निखत खान की संक्षिप्त, लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति है। साहिल के किरदार में शान ग्रोवर अपनी भूमिका निभाते हैं, जबकि रूमी के रूप में रोमांच मेहता और बॉबी के किरदार में विकास वर्मा भी ठीक-ठाक काम करते हैं। सहायक कलाकार कहानी को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
फिल्म का निर्देशन
निर्देशक आशीष पांडा एक रोमांटिक कहानी को नए ट्विस्ट और टर्न्स के साथ पर्दे पर पेश करने की कोशिश करते हैं। प्यार, धोखा और रिश्तों की जटिलताओं के बीच वो कहानी में रोमांच बनाए रखने का प्रयास करते हैं। फिल्म के कुछ हिस्सों में बॉलीवुड की जानी-पहचानी प्रेम कहानियों और उनके सब-प्लॉट्स की झलक महसूस होती है, जिसके चलते कुछ घटनाओं का अंदाजा पहले ही लगने लगता है। हालांकि, जब कहानी प्रेडिक्टेबल होने लगती है, उसी दौरान आने वाले कुछ ट्विस्ट दर्शकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ाते हैं।
फिल्म का पहला हिस्सा अपेक्षाकृत हल्का-फुल्का है, जहां किरदारों के रिश्तों और उनकी भावनाओं को स्थापित किया जाता है। दूसरे हिस्से में घटनाक्रम तेज होता है और कहानी में ड्रामा बढ़ जाता है। निर्देशक ने रोमांस और भावनात्मक पलों के साथ दर्शकों को जोड़े रखने की कोशिश की है। कुछ जगह कहानी की रफ्तार और घटनाओं को बेहतर ढंग से सँवारा जा सकता था, लेकिन प्रेम कहानी को दिलचस्प मोड़ों के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास दिखाई देता है।
फिल्म देखें या नहीं?
‘तुम मेरे हो’ एक ऐसी प्रेम कहानी है, जिसमें प्यार के साथ धोखा, भावनात्मक संघर्ष और रिश्तों की उलझनें भी हैं। फिल्म की कहानी में आने वाले ट्विस्ट दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं, जबकि गुरमीत चौधरी का अभिनय इसकी प्रमुख ताकत है। ईशा मालवीय की मौजूदगी और दोनों की नई जोड़ी कहानी को एक अलग आकर्षण देती है।
फिल्म के गाने सुनने के साथ-साथ देखने में भी अच्छे लगते हैं। थाईलैंड की खूबसूरत लोकेशंस को पर्दे पर आकर्षक ढंग से फिल्माया गया है, जो कहानी के रोमांटिक माहौल को और खूबसूरत बनाता है। कुछ हिस्सों में कहानी जानी-पहचानी लगती है, लेकिन ट्विस्ट, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और कलाकारों का अभिनय इसे संभालते हैं।
कुल मिलाकर, अगर आपको रोमांटिक फिल्में, दिल टूटने के बाद दोबारा प्यार पर भरोसा करने की कहानी और खूबसूरत गानों से सजी प्रेम कहानियां पसंद हैं, तो ‘तुम मेरे हो’ एक बार देखी जा सकती है।

