साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल के माध्यम से 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 तक 36 लाख 44 हजार 608 रुपए पीड़ितों के बैंक खातों में वापस लौटाए हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने और धनवापसी का झांसा देने वाले दलालों से सावधान रहने की अपील की है। एमआरएम पोर्टल से मिल रही ठगी की रकम वापस मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ऑनलाइन सुविधा है। इसके माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। धनवापसी शिकायत की जांच, बैंक लेन-देन के सत्यापन और संबंधित बैंक की कार्रवाई पर निर्भर करती है। जिला पुलिस इसी व्यवस्था के जरिए ठगी की रकम पीड़ितों के खातों में वापस पहुंचाने के प्रयास कर रही है। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत करने के बाद संबंधित बैंक को सूचना देना भी जरूरी है। समय पर जानकारी मिलने से ठगी की रकम को संबंधित बैंक खाते में होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे धनवापसी की प्रक्रिया में मदद मिलती है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद खाते में लौटती है राशि धनवापसी की प्रक्रिया में पीड़ित को जरूरी दस्तावेज और लेन-देन से संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होती है। इसके बाद जांच अधिकारी शिकायत और बैंक लेन-देन का सत्यापन करते हैं। जांच और संबंधित बैंक की प्रक्रिया पूरी होने पर पात्र मामले में राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा कराई जाती है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने मात्र से धनवापसी की गारंटी नहीं होती। एसपी की अपील—धनवापसी के नाम पर किसी को पैसे न दें पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने आमजन से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आगाह किया कि ठगी की रकम वापस दिलाने का झांसा देने वाले दलालों या अनधिकृत व्यक्तियों को कोई पैसा न दें। नागरिक अपना ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी भी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

