दानापुर जीआरपी क्षेत्र में ट्रेन से गिरकर युवक कैलाश कुमार की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए लूटपाट के दौरान बदमाशों पर कैलाश के साथ मारपीट करने और हाथ-पैर बांधकर चलती ट्रेन से फेंकने का आरोप लगाया है। परिजनों ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दानापुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई है। फोन पर कैलाश ने बताई थी मारपीट की बात परिजनों के अनुसार, कैलाश बक्सर से पटना आ रहा था। यात्रा के दौरान उसने फोन पर बताया था कि कुछ लोग खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ लूटपाट की गई और बदमाशों ने हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया। कैलाश का दोस्त रितेश भी जख्मी हालत में मिला था। परिजनों का दावा है कि रितेश ने उन्हें लूटपाट और कैलाश को ट्रेन से फेंके जाने की बात बताई है। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। नेऊरा-बिहटा के बीच मिला था शव कैलाश का शव बिहटा प्रखंड में नेऊरा-बिहटा के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिला था। घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 72 घंटे पूरे होने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया, जिससे उन्हें अंतिम दर्शन का मौका नहीं मिल सका। परिजनों ने दानापुर जीआरपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना की सभी परिस्थितियों और कैलाश के साथ यात्रा कर रहे लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। जांच के लिए टीम गठित करेगी पुलिस दानापुर जीआरपी के एएसपी भास्कर रंजन ने बताया कि गुरुवार दोपहर मामले की जांच के लिए टीम बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि परिजनों के लगाए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। इसमें कैलाश के मोबाइल कॉल और यात्रा से जुड़े तथ्यों के साथ उसके दोस्त रितेश के बयान को भी अहम माना जा रहा है। दानापुर जीआरपी क्षेत्र में ट्रेन से गिरकर युवक कैलाश कुमार की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए लूटपाट के दौरान बदमाशों पर कैलाश के साथ मारपीट करने और हाथ-पैर बांधकर चलती ट्रेन से फेंकने का आरोप लगाया है। परिजनों ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दानापुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई है। फोन पर कैलाश ने बताई थी मारपीट की बात परिजनों के अनुसार, कैलाश बक्सर से पटना आ रहा था। यात्रा के दौरान उसने फोन पर बताया था कि कुछ लोग खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ लूटपाट की गई और बदमाशों ने हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया। कैलाश का दोस्त रितेश भी जख्मी हालत में मिला था। परिजनों का दावा है कि रितेश ने उन्हें लूटपाट और कैलाश को ट्रेन से फेंके जाने की बात बताई है। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। नेऊरा-बिहटा के बीच मिला था शव कैलाश का शव बिहटा प्रखंड में नेऊरा-बिहटा के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिला था। घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 72 घंटे पूरे होने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया, जिससे उन्हें अंतिम दर्शन का मौका नहीं मिल सका। परिजनों ने दानापुर जीआरपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना की सभी परिस्थितियों और कैलाश के साथ यात्रा कर रहे लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। जांच के लिए टीम गठित करेगी पुलिस दानापुर जीआरपी के एएसपी भास्कर रंजन ने बताया कि गुरुवार दोपहर मामले की जांच के लिए टीम बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि परिजनों के लगाए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। इसमें कैलाश के मोबाइल कॉल और यात्रा से जुड़े तथ्यों के साथ उसके दोस्त रितेश के बयान को भी अहम माना जा रहा है।

