नेपाल में आई भीषण आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में शनिवार को गोरखपुर में टाउन हॉल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष शत् संवेदना एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मानव सेवा संस्थान ‘सेवा’ एवं सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और आम नागरिकों ने भाग लिया। दीप-मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि सभी ने दीप और मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। कार्यक्रम स्थल पर नेपाल आपदा पीड़ितों के सहायतार्थ दान बॉक्स भी रखा गया। उपस्थित लोगों ने अपनी इच्छानुसार स्वैच्छिक सहयोग राशि दान की। आयोजकों ने जनमानस से अपील की कि आपदा की इस घड़ी में नेपाल के पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग प्रदान करें। मनीष द्विवेदी ने कहा कि नेपाल में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और मन को व्यथित करने वाली है। दुख की इस घड़ी में हम सभी को पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर अपनी संवेदना व्यक्त करनी चाहिए। पुरू मयंक त्रिपाठी ने कहा कि आपदा में हुई जनहानि ने पूरी मानवता को झकझोर दिया है। धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा किसी सीमा में बंधी नहीं होती और उसका दर्द पूरी मानवता का दर्द होता है। डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि प्राकृतिक आपदा जीवन की अनिश्चितता का एहसास कराने के साथ समाज में सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर भी देती है। शत्रुजीत सिंह ने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में जलाया गया छोटा-सा दीप भी उम्मीद और संवेदना का संदेश देता है। रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि नेपाल में हुई जनहानि ने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर दिया है। सीमाओं से परे मानवीय संवेदना दिवंगतों की स्मृति में जलाया गया प्रत्येक दीप और मोमबत्ती हमारी सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। नवीन पाण्डेय ने कहा कि यह आयोजन किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं, बल्कि सीमाओं से परे मानवीय संवेदना की अभिव्यक्ति है।

