अंबेडकरनगर में जलालपुर क्षेत्र में दो लाख रुपए की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में फर्जी पाया गया। पुलिस के मुताबिक, जमीन के बैनामे के बाद भुगतान में देरी करने के लिए वादी ने लूट की झूठी कहानी रची और पुलिस को सूचना दी। जांच के बाद पुलिस अब वादी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई कर रही है। यूपी-112 पर दी थी लूट की सूचना जलालपुर सीओ अनूप सिंह ने शनिवार शाम बताया कि 28 अगस्त को आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र के कोल गांव निवासी नीरज कुमार यादव पुत्र दशरथ यादव ने रात करीब 9:06 बजे यूपी-112 पर सूचना दी थी। उसने बताया था कि बोलेरो सवार तीन अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की और बैग में रखे दो लाख रुपये लूट लिए। नीरज ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया। सीसीटीवी और सीडीआर से खुला मामला लूट की सूचना मिलते ही जलालपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और चश्मदीदों के बयान लिए गए। इसके अलावा वादी से मिले लिखित स्पष्टीकरण के आधार पर भी मामले की पड़ताल की गई। जमीन के भुगतान में देरी के लिए रची कहानी जांच के दौरान पुलिस को कथित लूट की घटना के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, नीरज यादव ने पूर्व में कराए गए जमीन के बैनामे का भुगतान तत्काल नहीं करना पड़े और उसे भुगतान के लिए कुछ समय मिल सके, इसके लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी तैयार की थी। झूठी सूचना देने पर होगी कार्रवाई सीओ जलालपुर अनूप सिंह ने बताया कि जांच में लूट की सूचना असत्य पाई गई है। झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के मामले में नीरज यादव के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

