मिर्जापुर की जिगना साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में गलती से दूसरे खातों में ट्रांसफर हुई कुल 1,03,490 रुपये की रकम वापस करा दी। यूपीआई और ऑनलाइन लेनदेन के जरिए गलती से ट्रांसफर हुई धनराशि को साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होल्ड कराया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शिकायतकर्ताओं के खातों में वापस कराया। पहले मामले में 38 हजार रुपये वापस कराए पहला मामला जिगना थाना क्षेत्र के आंगनपुर निवासी सुनील सिकंदर का है। उन्होंने 24 दिसंबर 2025 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से गलती से 38 हजार रुपये किसी अज्ञात खाते में ट्रांसफर हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिगना साइबर सेल की टीम ने लेनदेन की जांच शुरू की। टीम ने संबंधित खाते में धनराशि होल्ड कराई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 38 हजार रुपये सुनील सिकंदर के खाते में वापस करा दिए गए। यूपीआई से ट्रांसफर हुए थे 65,490 रुपये दूसरा मामला बिहसड़ा बाजार निवासी आदर्श अग्रहरी का है। उन्होंने 12 अगस्त 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की थी कि यूपीआई के जरिए गलती से 65,490 रुपये किसी अज्ञात खाते में ट्रांसफर हो गए। साइबर सेल ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लेनदेन की जांच की और संबंधित खाते में रकम होल्ड कराई। इसके बाद पूरी 65,490 रुपये की धनराशि आदर्श अग्रहरी के खाते में वापस करा दी गई। दोनों शिकायतकर्ताओं ने पुलिस का जताया आभार दोनों मामलों में साइबर सेल ने कुल 1,03,490 रुपये वापस कराकर शिकायतकर्ताओं को राहत पहुंचाई। रकम वापस मिलने के बाद दोनों शिकायतकर्ताओं ने थाने पहुंचकर जनपद पुलिस और साइबर सेल टीम का आभार जताया। यूपीआई भुगतान में सावधानी बरतने की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यूपीआई या किसी भी डिजिटल माध्यम से भुगतान करते समय खाता संख्या, यूपीआई आईडी और अन्य विवरणों की अच्छी तरह जांच कर लें। यदि गलती से रकम किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हो जाए तो तत्काल बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को होल्ड कराकर वापस कराने की कार्रवाई की जा सके। कार्रवाई में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अवधेश सिंह, मुख्य आरक्षी स्वतंत्र यादव और आरक्षी कौशलेन्द्र सिंह की टीम शामिल रही।

