जल मंदिर में कंधे तक पानी आया, 6 श्रद्धालु फंसे:वीडियो बनाकर मदद मांगी, एसपी लाइफ जैकेट पहनकर पहुंचे; सभी सुरक्षित निकाले

जल मंदिर में कंधे तक पानी आया, 6 श्रद्धालु फंसे:वीडियो बनाकर मदद मांगी, एसपी लाइफ जैकेट पहनकर पहुंचे; सभी सुरक्षित निकाले

राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह से हो रही तेज बारिश ने खिलचीपुर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। सोमवारिया में गाड़गंगा नदी के तट पर बने जल मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अभिषेक करने गए 6 श्रद्धालु अचानक बढ़े जलस्तर के कारण मंदिर में फंस गए। पानी बढ़ते-बढ़ते श्रद्धालुओं के कंधे तक पहुंच गया। जान बचाने के लिए श्रद्धालुओं ने मंदिर के अंदर से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर मदद मांगी। वीडियो सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम ने तेज बहाव के बीच बोट से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। पूजा कर रहे थे, अचानक बढ़ा नदी का पानी
जल मंदिर में पंडित निक्कू शर्मा, प्रेम गुप्ता, गणेश शर्मा और पुलकित द्विवेदी निवासी खिलचीपुर तथा राजेंद्र सोनी और संगीता सोनी निवासी राजगढ़ भगवान शिव की पूजा और अभिषेक कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश के कारण गाड़गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही देर में मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया और नदी का पानी मंदिर के अंदर पहुंच गया।श्रद्धालुओं को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। वीडियो में पानी के बीच खड़े नजर आए श्रद्धालु
पानी लगातार बढ़ता देख श्रद्धालुओं ने मोबाइल से वीडियो बनाया। वीडियो में मंदिर के अंदर पानी के बीच श्रद्धालु खड़े नजर आए। उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर प्रशासन और लोगों से मदद की अपील की। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने पुलिस और प्रशासन को श्रद्धालुओं के मंदिर में फंसे होने की सूचना दी। इस दौरान पानी लगातार बढ़ रहा था और श्रद्धालुओं के कंधे तक पहुंच चुका था। एसडीआरएफ को बुलाया, एसपी खुद बोट में बैठे
सूचना मिलते ही खिलचीपुर एसडीएम और टीआई कमल सिंह गेहलोत मौके पर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए राजगढ़ से एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित तोलानी भी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम के पहुंचते ही रेस्क्यू शुरू किया गया। एसपी अमित तोलानी खुद लाइफ जैकेट पहनकर रेस्क्यू टीम के साथ बोट में बैठे। तेज बहाव के बीच बोट को जल मंदिर तक ले जाया गया। टीम ने मंदिर में फंसे सभी 6 श्रद्धालुओं को बोट में बैठाया और सुरक्षित बाहर लेकर आई। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा भी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे। 1996 की बाढ़ के बाद पहली बार ऐसे हालात
स्थानीय लोगों के अनुसार 1996 में आई बाढ़ के बाद सोमवार को खिलचीपुर में पहली बार इतने गंभीर जलभराव के हालात बने। गाड़गंगा के तेज बहाव में जल मंदिर का करीब आधा हिस्सा डूब गया। खिलचीपुर से सोमवारिया को जोड़ने वाला बड़ा पुल बनने के बाद पहली बार पूरी तरह पानी में डूबा नजर आया। इमली स्टैंड पर कारें डूबीं, कई रास्ते बंद
तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। इमली स्टैंड पर सड़क किनारे खड़ी कई कारें पानी में डूब गईं। झालावाड़ नाका और तोप खाना गेट के पास करीब 2 फीट पानी भर गया। छापीहेड़ा नाके पर करीब 3 फीट पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के दौरान अस्पताल के यह एक बड़ा पेड़ बीच सड़क पर आ गिरा, जिससे सिटी पोर्शन की एक सड़क कुछ समय के लिए बन्द रही।

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