छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर पुलिस ने करीब 40 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद गांजा तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। कुंडीपुरा थाना, अमरवाड़ा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 300 किलो गांजा, एक पिस्टल, 24 हजार 90 रुपए नकद, अशोक लीलैंड कंटेनर और टाटा सफारी कार बरामद की गई है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए कंटेनर के अंदर ऐसा सीक्रेट कैबिन बना रखा था, जिसे पहली नजर में देखकर वाहन खाली नजर आता था। कंटेनर के भीतर स्टील की दीवार खड़ी कर उसके पीछे अलग जगह बनाई गई थी। इसका गुप्त दरवाजा ड्राइवर की सीट के पीछे से खुलता था। पुलिस ने बारीकी से जांच की तो इस छिपे हुए हिस्से से गांजे से भरे बोरे बरामद हुए। 40 किमी पीछा, हाईवे पर लगाया जाल पुलिस को तस्करों के आने की जानकारी मिलने के बाद नरसिंहपुर-नागपुर हाईवे पर सिंगोड़ी पेंच नदी के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए कंटेनर और बैरिकेड्स लगाए थे। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू किया। करीब 40 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने तस्करों को रोकने के लिए रास्ता घेरा। आरोपियों ने बच निकलने की कोशिश में अपनी टाटा सफारी को पुलिस द्वारा खड़े किए गए कंटेनर में जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। ‘चाचा विधायक हैं’ कहकर पुलिस पर धाक जमाने की कोशिश कार की जांच के दौरान पुलिस को उसके कांच पर लगा एक स्टिकर नजर आया। कार पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का पार्किंग पास ‘MLA 602’ और ‘अधिवक्ता उच्च न्यायालय’ लिखा हुआ स्टिकर लगा था। पूछताछ के दौरान एक युवक ने पुलिस पर प्रभाव जमाने की कोशिश की। उसने एक विधायक को अपना चाचा बताते हुए पुलिस को कार्रवाई से पीछे हटाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और जांच जारी रखी। बाद में पूछताछ में सामने आया कि यह कार पहले किसी विधायक के यहां किराए पर लगाई गई थी। वाहन पर लगा स्टिकर उसी समय का था और बाद में उसे हटाया नहीं गया था। बाहर से खाली दिखता था कंटेनर, अंदर मिला सीक्रेट कैबिन पुलिस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात कंटेनर की बनावट रही। कंटेनर का पिछला गेट खोलने पर अंदर का हिस्सा सामान्य और खाली दिखाई देता था। लेकिन तस्करों ने कंटेनर के भीतर स्टील की एक अतिरिक्त दीवार खड़ी कर रखी थी। इस दीवार के पीछे एक गुप्त कैबिन बनाया गया था। इसका दरवाजा ड्राइवर की सीट के पीछे से खुलता था। पहली नजर में कंटेनर खाली नजर आने के बावजूद पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो गुप्त हिस्से का पता चला। इसके बाद वहां रखे बोरों को बाहर निकाला गया। इनमें करीब 300 किलो गांजा भरा हुआ था। गांजे की जब्ती, नापतौल और पुलिस की कागजी कार्रवाई में कई घंटे लग गए। हालांकि, इतने बड़े कंटेनर में बनाए गए गुप्त कैबिन से सिर्फ 300 किलो गांजा मिलने की स्थिति को लेकर पुलिस अब आगे की जांच भी कर रही है। उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक चल रहा था नेटवर्क प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को तस्करी के नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक मादक पदार्थ पहुंचाने का काम कर रहे थे। तस्कर आमतौर पर इंदौर वाले रूट का इस्तेमाल करते थे। इस बार पुलिस की नजर से बचने के लिए उन्होंने अपना रास्ता बदल दिया और छिंदवाड़ा होकर जाने का प्रयास किया। यही रास्ता बदलना उनके लिए भारी पड़ गया। पुलिस को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली और टीम ने हाईवे पर घेराबंदी कर दी। एसपी की स्पेशल टीम ने संभाला ऑपरेशन पूरे ऑपरेशन के लिए पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम को लगाया गया था। कार्रवाई में कुंडीपुरा और अमरवाड़ा थाना पुलिस, साइबर सेल और महिला पुलिस टीम शामिल रही। सभी टीमों के बीच समन्वय बनाकर तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद हाईवे पर घेराबंदी कर उन्हें रोकने की कोशिश की गई। आरोपियों के भागने पर पुलिस ने पीछा किया और करीब 40 किलोमीटर बाद उन्हें पकड़ लिया। गांजे के साथ पिस्टल भी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा एक पिस्टल और 24,090 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा अशोक लीलैंड कंटेनर और टाटा सफारी कार भी जब्त की गई है।पिस्टल की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। अब सप्लाई चेन और मुख्य नेटवर्क की तलाश पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 7 आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच केवल गांजे की खेप तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 300 किलो गांजा कहां से लाया गया था, इसे किसे पहुंचाना था, इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है और उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक तस्करी में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पूर्व की गतिविधियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन सामने आ सके। फिलहाल 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और बरामद 300 किलो गांजे की खेप ने छिंदवाड़ा के रास्ते सक्रिय इस तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है।

