बड़वानी| शासकीय कन्या कॉलेज में शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में रेजिन आर्ट कार्यशाला के तहत व्याख्यान और प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य छात्राओं को रचनात्मक कला से परिचित कराने के साथ इसे स्वरोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित करना था। प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया ने कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास और उद्यमिता पर भी ध्यान देना चाहिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्राएं अपने हुनर और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। प्रशिक्षिका सोनाक्षी गंगराड़े ने रेजिन आर्ट से तैयार सजावटी और उपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। उन्होंने छात्राओं को इस कला की निर्माण प्रक्रिया, आवश्यक सामग्री, लागत, उत्पादों की कीमत तय करने और बाजार में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी। साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों का प्रचार करने के तरीके भी बताए। प्रो. स्नेहलता मुजाल्दा, प्रियंका देवड़ा और राकेश गौतम ने कौशल आधारित प्रशिक्षण को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बताया। संचालन प्रो. प्रियंका देवड़ा ने किया। आभार प्रो. दीपाली निगम ने माना।

