बॉलीवुड फिल्म ‘द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में बिहार के महापर्व छठ की छटा देखने को मिल रही है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्य को लेकर काफी समय से चर्चा थी और आज इसका गाना ‘छठी मइया सुनीं लीं विनती हमार…’ रिलीज हो रही है। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। अपने एक्सपीरियंस के बारे में तमन्ना ने कहा था कि, मैं हमेशा से छठ पूजा को बहुत श्रद्धा के साथ देखती आई हूं। गाने की शूटिंग शुरू करने से पहले मैंने इस परंपरा की अहमियत और बिहार और पटना में इसे किस तरह मनाया जाता है, इसे समझने में समय बिताया। सच कहूं तो इसकी ताकत और लोगों की आस्था देखकर मैं हैरान थी। छठी मइया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मुझे लगा कि मैं उनसे बहुत गहराई से जुड़ गई हूं। छठ पूजा ‘द वन’ का एक बेहद अहम हिस्सा है और मैं इस परंपरा को किसी और तरह से महसूस नहीं करना चाहती थी।’
फिल्म की कहानी ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी लोककथा पर आधारित फिल्म की मूल कहानी भी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित करीब 400 साल पुराने ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी लोककथा पर आधारित है। गीत में छठ पूजा के साथ वन देवी और फिल्म की फैंटेसी दुनिया की भी झलक दिखाई जाएगी। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। भोजपुरी को उसका सम्मान वापस मिलना चाहिए- विशाल गीत को विशाल मिश्रा ने अपनी आवाज और संगीत दी है, जबकि इसके बोल कौशल किशोर ने लिखे हैं। विशाल ने ‘X’ पर लिखा कि ‘कुछ समय पहले कहा था कि भोजपुरी को उसका सम्मान वापस मिलना चाहिए .. “छठी मइया बुलाये” के बाद आज उसी मुहिम में एक और कदम। हमारी भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं, बिहार और पूर्वांचल की मिट्टी, संस्कार, लोक और हमारी पहचान है। अब हिंदी सिनेमा में, अपनी भोजपुरी में, छठी मइया को समर्पित हमारी गीत “छठी मइया” आ रही है। ई हमनी के भाषा ह, हमनी के माटी ह, हमनी के गौरव ह।’ छठ पूजा की रस्में निभाती दिख रही हैं तमन्ना फिल्म की गीत में तमन्ना ने बिहारी परंपरा के अनुसार नाक से लंबा लाल सिंदूर लगाया है। इस लुक में तमन्ना लाल रंग की साड़ी पहनी हैं, जो छठ पर्व के लिए बेहद पवित्र और शुभ मानी जाती है। उन्होंने बिहारी परंपरा के अनुसार नाक की सीध तक लंबा लाल सिंदूर लगा रखा है। वह पानी के अंदर पूरी तरह भक्ति भाव और आस्था में डूबी हुई छठ पूजा की रस्में निभाती दिख रही हैं। उनके खुले बाल और हाथों में पूजा की टोकरी है। चेहरे पर सादगी और भक्ति का भाव, पीछे सूर्य को अर्घ्य देती नजर आ रही हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ और घाट का मनमोहक दृश्य है।
ऐसे आया निर्माता को फिल्म बनाने का ख्याल इस फिल्म के निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि अखिर कैसे उन्होंने वन मंदिर से प्रेरित होकर इस फिल्म का विचार आया। उन्होंने कहा कि मेरी मां दुर्गापूजा के दौरान देवी मंदिरों में ले जाया करती थीं। इसी दौरान पटना से करीब 35 किमी दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर भी गए थे। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा ने इस मंदिर की स्थापना की थी। उस समय क्षेत्र के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। इससे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के 10 रूपों की प्रार्थना की, जिनमें से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। अरुणाभ ने कहानी निर्देशक दीपक मिश्रा और एकता कपूर को सुनाई। एकता कपूर ने इसे बड़े पर्दे पर लाने का सुझाव दिया। बॉलीवुड फिल्म ‘द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में बिहार के महापर्व छठ की छटा देखने को मिल रही है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्य को लेकर काफी समय से चर्चा थी और आज इसका गाना ‘छठी मइया सुनीं लीं विनती हमार…’ रिलीज हो रही है। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। अपने एक्सपीरियंस के बारे में तमन्ना ने कहा था कि, मैं हमेशा से छठ पूजा को बहुत श्रद्धा के साथ देखती आई हूं। गाने की शूटिंग शुरू करने से पहले मैंने इस परंपरा की अहमियत और बिहार और पटना में इसे किस तरह मनाया जाता है, इसे समझने में समय बिताया। सच कहूं तो इसकी ताकत और लोगों की आस्था देखकर मैं हैरान थी। छठी मइया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मुझे लगा कि मैं उनसे बहुत गहराई से जुड़ गई हूं। छठ पूजा ‘द वन’ का एक बेहद अहम हिस्सा है और मैं इस परंपरा को किसी और तरह से महसूस नहीं करना चाहती थी।’
फिल्म की कहानी ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी लोककथा पर आधारित फिल्म की मूल कहानी भी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित करीब 400 साल पुराने ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी लोककथा पर आधारित है। गीत में छठ पूजा के साथ वन देवी और फिल्म की फैंटेसी दुनिया की भी झलक दिखाई जाएगी। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। भोजपुरी को उसका सम्मान वापस मिलना चाहिए- विशाल गीत को विशाल मिश्रा ने अपनी आवाज और संगीत दी है, जबकि इसके बोल कौशल किशोर ने लिखे हैं। विशाल ने ‘X’ पर लिखा कि ‘कुछ समय पहले कहा था कि भोजपुरी को उसका सम्मान वापस मिलना चाहिए .. “छठी मइया बुलाये” के बाद आज उसी मुहिम में एक और कदम। हमारी भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं, बिहार और पूर्वांचल की मिट्टी, संस्कार, लोक और हमारी पहचान है। अब हिंदी सिनेमा में, अपनी भोजपुरी में, छठी मइया को समर्पित हमारी गीत “छठी मइया” आ रही है। ई हमनी के भाषा ह, हमनी के माटी ह, हमनी के गौरव ह।’ छठ पूजा की रस्में निभाती दिख रही हैं तमन्ना फिल्म की गीत में तमन्ना ने बिहारी परंपरा के अनुसार नाक से लंबा लाल सिंदूर लगाया है। इस लुक में तमन्ना लाल रंग की साड़ी पहनी हैं, जो छठ पर्व के लिए बेहद पवित्र और शुभ मानी जाती है। उन्होंने बिहारी परंपरा के अनुसार नाक की सीध तक लंबा लाल सिंदूर लगा रखा है। वह पानी के अंदर पूरी तरह भक्ति भाव और आस्था में डूबी हुई छठ पूजा की रस्में निभाती दिख रही हैं। उनके खुले बाल और हाथों में पूजा की टोकरी है। चेहरे पर सादगी और भक्ति का भाव, पीछे सूर्य को अर्घ्य देती नजर आ रही हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ और घाट का मनमोहक दृश्य है।
ऐसे आया निर्माता को फिल्म बनाने का ख्याल इस फिल्म के निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि अखिर कैसे उन्होंने वन मंदिर से प्रेरित होकर इस फिल्म का विचार आया। उन्होंने कहा कि मेरी मां दुर्गापूजा के दौरान देवी मंदिरों में ले जाया करती थीं। इसी दौरान पटना से करीब 35 किमी दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर भी गए थे। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा ने इस मंदिर की स्थापना की थी। उस समय क्षेत्र के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। इससे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के 10 रूपों की प्रार्थना की, जिनमें से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। अरुणाभ ने कहानी निर्देशक दीपक मिश्रा और एकता कपूर को सुनाई। एकता कपूर ने इसे बड़े पर्दे पर लाने का सुझाव दिया।

