सतना जिले में रविवार देर रात से शुरू हुआ रुक-रुककर बारिश का दौर सोमवार को भी जारी रहा। तराई अंचल में पहाड़ी क्षेत्रों का पानी तेजी से उतरने के कारण चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। रामघाट का प्लेटफॉर्म जलमग्न हो गया है, जिससे घाट किनारे की दुकानों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। बिरसिंहपुर, कोटर, जैतवारा और मझगवां जैसे तराई अंचलों में भी ग्रामीणों को दोबारा बाढ़ की चिंता सताने लगी है। सोमवार सुबह 6 बजे आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.60 मीटर दर्ज किया गया। नदी का अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर है। वर्तमान में जलस्तर बाढ़ के खतरे के अधिकतम स्तर से लगभग 2 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी पानी के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। तीन तस्वीरें देखिए… तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों ने सतना सहित पूरे रीवा संभाग में अगले तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ कहीं हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले की आपदा प्रबंधन टीम सहित सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। चालू मानसून सीजन में 1 जून से 30 अगस्त तक जिले में औसतन 40.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में मानसून के सक्रिय रहने से हुई झमाझम बारिश ने जून-जुलाई की कमी की भरपाई कर दी है। जिले में सामान्य से करीब 25% अधिक बारिश दर्ज की गई है। सतना जिले की आठ तहसीलों में से छह में बारिश का आंकड़ा 40 इंच पार कर चुका है। बरौंधा में सर्वाधिक 48.3 इंच, रघुराजनगर में 45.6 इंच, नागौद में 45.4 इंच, बिरसिंहपुर में 45.3 इंच और सोहावल में 44 इंच बारिश दर्ज की गई है। उचेहरा में 30.5 इंच और जसो में 26.7 इंच वर्षा हुई है। बंगाल की खाड़ी का सिस्टम सक्रिय
मौसम का मौजूदा सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा है। इसके साथ मानसून ट्रफ लाइन भी बंगाल की खाड़ी से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली और पंजाब तक बनी हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से सतना और रीवा संभाग में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। यह खबर भी पढ़ें… 20 घंटे ब्लैकआउट, 400 दुकानें तबाह; सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे 14 घंटे तक हुई लगातार बारिश ने शनिवार को सतना के चित्रकूट की तस्वीर बदल दी। धार्मिक नगरी में मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया और नदी का पानी घाटों से निकलकर बस्तियों, बाजारों और घरों तक पहुंच गया। कई इलाकों में दो मंजिला मकान तक पानी में डूब गए। चारों तरफ पानी था और लोग अपने घर, सामान और जिंदगी भर की जमा-पूंजी को डूबते देखते रहे। पूरी खबर पढ़िए…

