चतरा में हाइवा की टक्कर से युवक की मौत:तेज रफ्तार हाईवा ने मारी टक्कर, सिमरिया चौक पर शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग

चतरा में हाइवा की टक्कर से युवक की मौत:तेज रफ्तार हाईवा ने मारी टक्कर, सिमरिया चौक पर शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग

चतरा जिले के सिमरिया-बगरा सड़क पर तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। दोनों युवक अपने घर से बगरा जा रहे थे। इसी दौरान कोयला ढोने वाले हाइवा ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल में इलाजरत है। मृतक की पहचान शाहबाज, पिता मो. सागीर के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक का नाम भी शाहबाज है। उसके पिता का नाम माशूक अंसारी है। दोनों दाढ़ी और बाकचौमा के एक ही इलाके के रहने वाले थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश फैल गया। सिमरिया चौक पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सिमरिया चौक पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 11 लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। साथ ही नो एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन कराने और बाईपास निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कोयला ढोने वाले हाइवा से हादसों की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शन के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर सिमरिया सीओ गौरव कुमार राज और थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता परिजनों को समझाने और जाम खुलवाने के लिए वार्ता कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ हादसे के बाद सहायता देने के बजाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि हर हादसे के बाद मुआवजे और कार्रवाई का भरोसा दिया जाता है, लेकिन सड़क सुरक्षा की समस्या बनी रहती है। लोगों ने नो एंट्री व्यवस्था को प्रभावी बनाने और भारी वाहनों की आवाजाही की निगरानी करने की जरूरत बताई। बाईपास निर्माण की मांग भी फिर उठी है। ग्रामीणों के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे भारी वाहनों के कारण आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। हालांकि, प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से लापरवाही के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं मिली है। मुआवजे के साथ स्थायी समाधान की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही, सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल मुआवजे से परिवारों का नुकसान पूरा नहीं हो सकता। ग्रामीण चाहते हैं कि भारी वाहनों की आवाजाही के नियमों का पालन कराया जाए और बाईपास निर्माण की दिशा में पहल हो। चतरा जिले के सिमरिया-बगरा सड़क पर तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। दोनों युवक अपने घर से बगरा जा रहे थे। इसी दौरान कोयला ढोने वाले हाइवा ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल में इलाजरत है। मृतक की पहचान शाहबाज, पिता मो. सागीर के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक का नाम भी शाहबाज है। उसके पिता का नाम माशूक अंसारी है। दोनों दाढ़ी और बाकचौमा के एक ही इलाके के रहने वाले थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश फैल गया। सिमरिया चौक पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सिमरिया चौक पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 11 लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। साथ ही नो एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन कराने और बाईपास निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कोयला ढोने वाले हाइवा से हादसों की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शन के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर सिमरिया सीओ गौरव कुमार राज और थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता परिजनों को समझाने और जाम खुलवाने के लिए वार्ता कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ हादसे के बाद सहायता देने के बजाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि हर हादसे के बाद मुआवजे और कार्रवाई का भरोसा दिया जाता है, लेकिन सड़क सुरक्षा की समस्या बनी रहती है। लोगों ने नो एंट्री व्यवस्था को प्रभावी बनाने और भारी वाहनों की आवाजाही की निगरानी करने की जरूरत बताई। बाईपास निर्माण की मांग भी फिर उठी है। ग्रामीणों के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे भारी वाहनों के कारण आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। हालांकि, प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से लापरवाही के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं मिली है। मुआवजे के साथ स्थायी समाधान की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही, सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल मुआवजे से परिवारों का नुकसान पूरा नहीं हो सकता। ग्रामीण चाहते हैं कि भारी वाहनों की आवाजाही के नियमों का पालन कराया जाए और बाईपास निर्माण की दिशा में पहल हो।  

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