रणथम्भोर नेशनल पार्क की फलौदी रेंज के टोडरा उपतहसील क्षेत्र में लेपर्ड के हमले लगातार सामने आ रहे हैं। गर्भवती महिला संध्या बैरवा पर हमले के तीसरे दिन लेपर्ड 100 क्वार्टर कॉलोनी में एक घर की बाउंड्री में घुस गया। उसने वहां बंधी गाय के पैर और कंधे पर हमला कर गर्दन जबड़ों में जकड़ ली। इस दौरान पास खड़ी महिला रोशनी देवी पर भी हमले का प्रयास किया। महिला के चिल्लाने पर परिजन बाहर आए तो लेपर्ड गाय को छोड़कर भाग गया। हमले में गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की बाउंड्री में घुसकर गाय पर किया हमला 100 क्वार्टर कॉलोनी निवासी काडूराम बैरवा की पत्नी रोशनी देवी ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वह घर की बाउंड्री में बंधी गाय को बाल्टी से पानी पिला रही थीं। इसी दौरान अचानक लेपर्ड बाउंड्री में घुस आया और गाय का पैर पकड़कर उसके कंधे पर दांत गड़ा दिए। हमले से गाय नीचे गिर गई तो लेपर्ड ने उसकी गर्दन जबड़ों में जकड़ ली। इसके बाद वह पास खड़ी रोशनी देवी की तरफ भी हमले के लिए बढ़ा। महिला के चिल्लाने पर कमरे में खाना खा रहे उनके पति काडूराम बाहर आए। लोगों की हलचल देखकर लेपर्ड गाय को छोड़कर सड़क से होता हुआ पानी की टंकी के पास से नहाररी की तरफ भाग गया। हमले में गाय के कंधे और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। दो घंटे बाद आया पशु चिकित्सकों का दल घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने वेटरनरी टीम को घटना की जानकारी दी। करीब दो घंटे बाद पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और घायल गाय का उपचार शुरू किया। गाय के कंधे और गर्दन से लगातार खून बह रहा था। डॉक्टरों की टीम के पहुंचने तक प्रदीप सिंह, देशराज सिंह, विनीत वर्मा, कपिल तिलकर, सूरज राजावत सहित अन्य ग्रामीण कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहे। गर्भवती महिला पर हमले के तीसरे दिन फिर वारदात इससे पहले बुधवार रात करीब 9 बजे वनपाल नाका टोडरा से महज 20 मीटर दूर सात माह की गर्भवती संध्या बैरवा पर लेपर्ड ने हमला कर घायल कर दिया था। अब तीसरे दिन उसी क्षेत्र से करीब 100 मीटर दूर घर की बाउंड्री में घुसकर गाय पर हमला किया। लगातार दो घटनाओं से आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। टोडरा क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं लेपर्ड के गंभीर हमले टोडरा उपतहसील और फलौदी रेंज क्षेत्र में लेपर्ड के हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इनमें कुछ घटनाओं में लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि दो लोगों की जान चली गई।

