गयाजी- बिना पास महाबोधि मंदिर ओर पितृपक्ष में नोट एंट्री:भारी वाहनों की एंट्री पर भी रोक रहेगी, 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रूट डायवर्जन

गयाजी- बिना पास महाबोधि मंदिर ओर पितृपक्ष में नोट एंट्री:भारी वाहनों की एंट्री पर भी रोक रहेगी, 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रूट डायवर्जन

पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर बोधगया में ट्रैफिक व्यवस्था बदलेगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक महाबोधि मंदिर, कालचक्र मैदान और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग भी की जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव महाबोधि मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर होगा। नोड-01 से महाबोधि मंदिर और कालचक्र मैदान की ओर बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। एसबीआई मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर बिना पास के किसी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। वर्मा मोड़ की तरफ से भी बिना पास के वाहन महाबोधि मंदिर की ओर नहीं जा सकेंगे। मेला अवधि में एम्बेसी मोड़ और वर्मा मोड़ की ओर से मंदिर क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छोटे वाहन और बाइक एम्बेसी मोड़ से बायें मुड़कर सुजाता बाईपास रोड से राजापुर की ओर जा सकेंगे। वर्मा मोड़ की ओर से आने वाले छोटे वाहन और बाइक भी राजापुर होते हुए आगे जाएंगे। राजापुर मोड़ से दक्षिण बोधगया की ओर बड़े वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। हालांकि, पच्छहट्टी मोड़ से सुजातागढ़ की ओर नदी पार कर जाने वाले बड़े वाहनों को जाने की अनुमति रहेगी। धूघरी टोंड रिवर साइड से आने वाले वाहन राजापुर मोड़ से सुजाता बाईपास जाएंगे धूघरी टोंड रिवर साइड से आने वाले वाहनों को राजापुर मोड़ से सुजाता बाईपास की ओर भेजा जाएगा। यहां से वाहन नोड-01 या दोमुहान की तरफ जाएंगे। दोमुहान और नोड-01 से आने वाले वाहन राजापुर मोड़ से रिवर साइड रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। एम्बेसी मोड़ से वर्मा मोड़ के बीच सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर भी रोक रहेगी। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही लगाना होगा। प्रशासन ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की तैयारी की है। इसमें वर्मा मोड़, चिल्ड्रेन पार्क के सामने, एम्बेसी मोड़, विरला धर्मशाला, पच्छहट्टी मोड़, म्यूजियम और मोसा मोड़ शामिल हैं। महाबोधि सोसाइटी के पास भी बैरिकेडिंग होगी। पानी टंकी के पास ड्रॉप गेट रहेगा। बांग्लादेश मोनेस्ट्री और कालचक्र मैदान के गेट नंबर 05, 08 और 09 के आसपास भी ट्रैफिक नियंत्रण किया जाएगा। इन जगहों पर पार्क करें वाहन श्रद्धालुओं से सड़क किनारे वाहन नहीं लगाने की अपील की गई है। नोड-01 के दक्षिण पार्किंग स्थल, मगध विश्वविद्यालय परिसर, चिल्ड्रेन पार्क के पास, नोड-02 और कालचक्र मैदान के गेट नंबर-02 के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। कब्रिस्तान के सामने खाली जमीन सरकारी और वीआईपी वाहनों के लिए रहेगी। धर्मारण्य बेदी के पास सेलोनजा रोड पर बड़े और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। मेला अवधि में दोमुहान, धूघरी टाइ ब्रिज बाईपास, सिलोनजा पुल और सरस्वती पुल की ओर से बोधगया आने वाले मालवाहक और बड़े वाहनों पर भी रोक रहेगी। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से जाना होगा।
वीआईपी आगमन या विशेष ट्रैफिक नियंत्रण के दौरान कालचक्र मैदान पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इनमें एम्बेसी मोड़ से मिया विगहा होते हुए कालचक्र गेट नंबर-08 और नोड-01 से तेरगर मोनेस्ट्री मोड़ होते हुए कालचक्र गेट नंबर-09 तक का मार्ग शामिल है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। बिना पास प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने, बैरिकेड तोड़ने या सड़क पर वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था का उद्देश्य मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और आपातकालीन वाहनों का रास्ता सुगम रखना है। पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर बोधगया में ट्रैफिक व्यवस्था बदलेगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक महाबोधि मंदिर, कालचक्र मैदान और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग भी की जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव महाबोधि मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर होगा। नोड-01 से महाबोधि मंदिर और कालचक्र मैदान की ओर बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। एसबीआई मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर बिना पास के किसी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। वर्मा मोड़ की तरफ से भी बिना पास के वाहन महाबोधि मंदिर की ओर नहीं जा सकेंगे। मेला अवधि में एम्बेसी मोड़ और वर्मा मोड़ की ओर से मंदिर क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छोटे वाहन और बाइक एम्बेसी मोड़ से बायें मुड़कर सुजाता बाईपास रोड से राजापुर की ओर जा सकेंगे। वर्मा मोड़ की ओर से आने वाले छोटे वाहन और बाइक भी राजापुर होते हुए आगे जाएंगे। राजापुर मोड़ से दक्षिण बोधगया की ओर बड़े वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। हालांकि, पच्छहट्टी मोड़ से सुजातागढ़ की ओर नदी पार कर जाने वाले बड़े वाहनों को जाने की अनुमति रहेगी। धूघरी टोंड रिवर साइड से आने वाले वाहन राजापुर मोड़ से सुजाता बाईपास जाएंगे धूघरी टोंड रिवर साइड से आने वाले वाहनों को राजापुर मोड़ से सुजाता बाईपास की ओर भेजा जाएगा। यहां से वाहन नोड-01 या दोमुहान की तरफ जाएंगे। दोमुहान और नोड-01 से आने वाले वाहन राजापुर मोड़ से रिवर साइड रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। एम्बेसी मोड़ से वर्मा मोड़ के बीच सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर भी रोक रहेगी। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही लगाना होगा। प्रशासन ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की तैयारी की है। इसमें वर्मा मोड़, चिल्ड्रेन पार्क के सामने, एम्बेसी मोड़, विरला धर्मशाला, पच्छहट्टी मोड़, म्यूजियम और मोसा मोड़ शामिल हैं। महाबोधि सोसाइटी के पास भी बैरिकेडिंग होगी। पानी टंकी के पास ड्रॉप गेट रहेगा। बांग्लादेश मोनेस्ट्री और कालचक्र मैदान के गेट नंबर 05, 08 और 09 के आसपास भी ट्रैफिक नियंत्रण किया जाएगा। इन जगहों पर पार्क करें वाहन श्रद्धालुओं से सड़क किनारे वाहन नहीं लगाने की अपील की गई है। नोड-01 के दक्षिण पार्किंग स्थल, मगध विश्वविद्यालय परिसर, चिल्ड्रेन पार्क के पास, नोड-02 और कालचक्र मैदान के गेट नंबर-02 के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। कब्रिस्तान के सामने खाली जमीन सरकारी और वीआईपी वाहनों के लिए रहेगी। धर्मारण्य बेदी के पास सेलोनजा रोड पर बड़े और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। मेला अवधि में दोमुहान, धूघरी टाइ ब्रिज बाईपास, सिलोनजा पुल और सरस्वती पुल की ओर से बोधगया आने वाले मालवाहक और बड़े वाहनों पर भी रोक रहेगी। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से जाना होगा।
वीआईपी आगमन या विशेष ट्रैफिक नियंत्रण के दौरान कालचक्र मैदान पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इनमें एम्बेसी मोड़ से मिया विगहा होते हुए कालचक्र गेट नंबर-08 और नोड-01 से तेरगर मोनेस्ट्री मोड़ होते हुए कालचक्र गेट नंबर-09 तक का मार्ग शामिल है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। बिना पास प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने, बैरिकेड तोड़ने या सड़क पर वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था का उद्देश्य मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और आपातकालीन वाहनों का रास्ता सुगम रखना है।  

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