कैमूर में एक्सप्रेस-वे जमीन अधिग्रहण में 223 करोड़ का भुगतान:DM ने बचे 857 किसानों को जल्द मुआवजा देने का निर्देश दिया

कैमूर में एक्सप्रेस-वे जमीन अधिग्रहण में 223 करोड़ का भुगतान:DM ने बचे 857 किसानों को जल्द मुआवजा देने का निर्देश दिया

कैमूर जिले में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान तेजी से जारी है। भारतमाला परियोजना के तहत अब तक 2091 किसानों को 223 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 73 मौजों में कुल 2948 किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल है। इनमें से अधिकांश किसानों की भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष बचे 857 किसानों को भी मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। डॉक्यूमेंट जमा नहीं होने के कारण भुगतान में देरी जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश रंजन को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर शेष किसानों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द भुगतान सुनिश्चित करें। विभाग ने बताया कि कुछ परिवारों में आपसी सहमति न बनने, न्यायालय में मामले लंबित रहने या समय पर दस्तावेज जमा न होने के कारण भुगतान में विलंब हुआ है। ऐसे किसानों से अपील की गई है कि वे जिला भू-अर्जन कार्यालय में संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। रोजगार के नए मौके होंगे सृजित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे वाराणसी की दूरी और यात्रा समय कम होगा, साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रशासन का लक्ष्य सभी लंबित मामलों का त्वरित समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा करना है। कैमूर जिले में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान तेजी से जारी है। भारतमाला परियोजना के तहत अब तक 2091 किसानों को 223 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 73 मौजों में कुल 2948 किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल है। इनमें से अधिकांश किसानों की भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष बचे 857 किसानों को भी मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। डॉक्यूमेंट जमा नहीं होने के कारण भुगतान में देरी जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश रंजन को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर शेष किसानों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द भुगतान सुनिश्चित करें। विभाग ने बताया कि कुछ परिवारों में आपसी सहमति न बनने, न्यायालय में मामले लंबित रहने या समय पर दस्तावेज जमा न होने के कारण भुगतान में विलंब हुआ है। ऐसे किसानों से अपील की गई है कि वे जिला भू-अर्जन कार्यालय में संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। रोजगार के नए मौके होंगे सृजित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे वाराणसी की दूरी और यात्रा समय कम होगा, साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रशासन का लक्ष्य सभी लंबित मामलों का त्वरित समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा करना है।  

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