Balod Patrika News सिंचाई विभाग ने नहर और केनाल की सफाई कराए बिना ही शुक्रवार को गोंदली मुख्य नहर से शहर की ओर आने वाली केनाल में पानी छोड़ दिया। केनाल पहले से कचरे, झाडिय़ों और मिट्टी से पटी थी। तेज बहाव के साथ आया मलबा पाररास स्कूल के पास पुलिया के नीचे फंस गया। इससे पानी का बहाव रुक गया और केनाल ओवरफ्लो होकर रिहायशी इलाके में घुस गई। करीब 10 घरों में घुटने तक पानी भर गया। घरों में रखे बर्तन तैरने लगे और राशन व अन्य सामान भीगकर खराब हो गया।
मोहल्ले में मच गया हड़कंप
सुबह अचानक घरों में पानी घुसने से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। परस साहू, शिवप्रसाद साहू, शंकर साहू, रामकुमार और लखनलाल समेत करीब 10 परिवार प्रभावित हुए। महिलाओं और बच्चों ने अनाज, राशन और कपड़ों को ऊंची जगहों पर रखा। लोगों ने करीब एक घंटे तक बाल्टियों से घरों से पानी निकालकर राहत पाने की कोशिश की।
पुलिया में फंसा मलबा, बंद हुआ पानी का रास्ता
केनाल में पहले से जमा कचरे और झाडिय़ों के कारण पानी के साथ आया मलबा पुलिया में फंस गया। इससे पानी का निकास बंद हो गया और ओवरफ्लो की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष कसीमुद्दीन कुरैशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ से जेसीबी मंगवाई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर गोंदली नहर के गेट से पानी की मात्रा भी कम कराई गई।

हर साल सफाई के दावे, फिर भी जाम
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर और केनाल की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर नियमित सफाई नहीं होती। शिवप्रसाद साहू ने कहा कि बारिश में हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन इस बार बारिश के बिना ही पानी घरों में घुस गया। ग्रामीणों का कहना है कि नहर से खरपतवार और पॉलिथीन आने के कारण छोटी पुलियाएं अक्सर जाम होती हैं।
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सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी
कुरैशी के अनुसार उन्होंने मौके से सिंचाई विभाग के एसडीओ हीरालाल साहू को फोन कर स्थिति की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे वार्डवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि समय रहते केनाल की सफाई हो जाती तो जलभराव की स्थिति नहीं बनती।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
कार्यपालन अभियंता, सिंचाई विभाग पीयूष देवांगन ने कहा कि नहरों और केनालों की साफ-सफाई समय-समय पर कराई जाती है। पाररास में ऐसी स्थिति कैसे बनी, इसकी जानकारी मंगाई जा रही है। मौके का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

