अयोध्या के कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद में गोसाईगंज विधायक अभय सिंह को सदस्य नामित किए जाने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां के विधायक चंद्रभानु पासवान को इस समिति में जगह नहीं मिली। इसी को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि जिस क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थित है, वहां के निर्वाचित विधायक को प्रबंधन परिषद में शामिल क्यों नहीं किया गया। वहीं, दूसरे विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभय सिंह को यह जिम्मेदारी दिए जाने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। सपा से भाजपा में आए अभय सिंह अभय सिंह पहले समाजवादी पार्टी से विधायक थे। मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान उनके भाजपा प्रत्याशी की मदद करने को लेकर भी चर्चाएं सामने आई थीं। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा में शामिल होने के बाद कृषि विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद में उनका नामांकन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मिल्कीपुर क्षेत्र में इसे पार्टी के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। नियुक्ति के आधार पर आधिकारिक जानकारी नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित है और यहां से चंद्रभानु पासवान विधायक हैं। ऐसे में उनकी जगह गोसाईगंज विधायक अभय सिंह को प्रबंधन परिषद में नामित किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभय सिंह के नामांकन के पीछे सरकार या विश्वविद्यालय प्रबंधन का क्या आधार रहा, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में नियुक्ति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।

