किशनगंज के डायट चकला में चल रहे पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षु शिक्षकों ने खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को खराब भोजन के विरोध में शिक्षकों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और इस संबंध में डायट प्राचार्य को लिखित शिकायत सौंपी। प्रशिक्षु शिक्षकों ने अपने पत्र में बताया कि 17 अगस्त से शुरू हुए प्रशिक्षण के पहले दिन से ही नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद दाल, सब्जी और पनीर में सिर्फ पानी की मात्रा अधिक होती है। साफ-सफाई में कमी का लगाया आरोप शिक्षकों ने साफ-सफाई में भी भारी कमी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोबारा भोजन मांगने पर उन्हें टोका-टिप्पणी का सामना करना पड़ता है। 19 अगस्त की रात का भोजन करने के बाद कई प्रशिक्षु शिक्षकों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने प्राचार्य से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने गुरुवार शाम को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को डायट चकला भेजा। डीईओ को खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण में शामिल सैकड़ों प्रशिक्षु शिक्षक इस समस्या से परेशान हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और प्रशिक्षु शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। किशनगंज के डायट चकला में चल रहे पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षु शिक्षकों ने खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को खराब भोजन के विरोध में शिक्षकों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और इस संबंध में डायट प्राचार्य को लिखित शिकायत सौंपी। प्रशिक्षु शिक्षकों ने अपने पत्र में बताया कि 17 अगस्त से शुरू हुए प्रशिक्षण के पहले दिन से ही नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद दाल, सब्जी और पनीर में सिर्फ पानी की मात्रा अधिक होती है। साफ-सफाई में कमी का लगाया आरोप शिक्षकों ने साफ-सफाई में भी भारी कमी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोबारा भोजन मांगने पर उन्हें टोका-टिप्पणी का सामना करना पड़ता है। 19 अगस्त की रात का भोजन करने के बाद कई प्रशिक्षु शिक्षकों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने प्राचार्य से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने गुरुवार शाम को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को डायट चकला भेजा। डीईओ को खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण में शामिल सैकड़ों प्रशिक्षु शिक्षक इस समस्या से परेशान हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और प्रशिक्षु शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

