कोलकाता की टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास के लिए 23 अगस्त का दिन यादगार बन गया। कानपुर के ‘द स्पोर्ट्स हब’ में हुई UTT नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में उन्होंने यूथ अंडर-19 का खिताब जीतने के साथ विमेंस सीनियर कैटेगरी का पहला नेशनल टाइटल भी अपने नाम किया। खास बात यह रही कि इसी दिन उनका जन्मदिन भी था। यानी सिंड्रेला ने अपने बर्थडे पर एक ही दिन में दो ट्रॉफियां जीतकर खुद को सबसे बड़ा तोहफा दिया। खिताब जीतने के बाद सिंड्रेला ने कहा कि सीनियर वर्ग में पहला नेशनल टाइटल उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कानपुर को अपने लिए लकी बताया। मैच के दौरान उनके माता-पिता और दादू ऑनलाइन उनका हौसला बढ़ा रहे थे। जीत के बाद उन्होंने सबसे पहले पिता को फोन कर अपनी खुशी साझा की। मम्मी-पापा और दादू ऑनलाइन करते रहे चीयर सिंड्रेला ने बताया कि मैच के दौरान उनकी मम्मी सुष्मिता दास, पापा सुप्रियो दास और दादू लगातार ऑनलाइन उन्हें चीयर कर रहे थे। मुकाबला जीतते ही उन्होंने सबसे पहले अपने पिता को फोन किया। उनके लिए इस जीत की खुशी इसलिए भी ज्यादा रही क्योंकि सीनियर नेशनल स्तर पर यह उनका पहला खिताब है। जन्मदिन के दिन दो ट्रॉफियां मिलने से यह दिन उनके करियर के खास पलों में शामिल हो गया। 12वीं की पढ़ाई के साथ टेबल टेनिस पर फोकस सिंड्रेला अभी 12वीं कक्षा में पढ़ रही हैं। पढ़ाई और खेल दोनों को साथ लेकर चलना उनके लिए चुनौती जरूर है, लेकिन बचपन से ही वह दोनों के बीच संतुलन बनाती आ रही हैं। अब उनकी नजर इंटरनेशनल टूर्नामेंट पर है। सिंड्रेला का भारतीय टीम में एशियन गेम्स के लिए चयन हो चुका है। वह जल्द ही WTT कंटेंडर अल्माटी में भी खेलेंगी। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतना है। इसके अलावा पंचकुला और पंजाब में होने वाली आगामी नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिताओं में भी वह अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हैं। 9 साल की उम्र में शुरू किया था टेबल टेनिस सिंड्रेला ने 9 साल की उम्र में टेबल टेनिस को करियर के तौर पर चुना था। इससे पहले वह स्विमिंग, डांसिंग और ड्राइंग में भी रुचि रखती थीं। एक टूर्नामेंट में ट्रॉफी और मेडल जीतने के बाद उनका रुझान टेबल टेनिस की तरफ बढ़ा और उन्होंने इसी खेल को अपना लक्ष्य बना लिया। उन्हें आक्रामक अंदाज में खेलना और स्मैश लगाना पसंद है। 2023 में उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 के खिताब एक साथ जीतकर ‘ट्रिपल क्राउन’ बनाया था। 2028 ओलिंपिक में गोल्ड जीतना सपना सिंड्रेला अपने परिवार की इकलौती संतान हैं। उनका कहना है कि परिवार ने हमेशा उन्हें बिना दबाव के खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी समर्थन के दम पर वह लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा बनना और सिंगल्स इवेंट में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

