भास्कर न्यूज | पानीपत मॉडल टाउन श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को 5वां दिन रहा। कथावाचक पंडित राधे-राधे महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल बाल-सुलभ क्रीड़ाएं नहीं, बल्कि उनमें ब्रह्मांड का गूढ़ तत्व समाहित है। जब कन्हैया माखन चुराते हैं, तो वास्तव में वह अपने भक्तों के अंतःकरण से अहंकार और पाप रूपी विकार चुराकर उन्हें शुद्ध भक्ति का दान देते हैं। कथा में इंद्र के मान-मर्दन और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति गो-संवर्धन की महत्ता बताने के लिए देवराज इंद्र की पूजा रोककर गिरिराज पर्वत की पूजा कराई। जब कुपित होकर इंद्र ने मूसलाधार वर्षा की, तब प्रभु ने अपनी कनिष्ठिका उंगली पर गोवर्धन पर्वत को धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की। इस अवसर पर मंदिर में गिरिराज जी की भव्य झांकी सजाई गई और ठाकुर जी को छप्पन भोग महाभोग लगाया गया। मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने कहा श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि इसके आदर्शों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति, प्रकृति प्रेम और गो-सेवा से जोड़ना ही इस ज्ञानयज्ञ का मुख्य उद्देश्य है। मंदिर सभा का सदैव यही प्रयास रहता है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, शांति और धर्म का प्रसार हो। इस अवसर पर मोहित जग्गा, वेद पराशर, रोहित, अमन, राखी, संगीता मौजूद रहे। पानीपत. पंडित राधे-राधे महाराज।

