औरंगाबाद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट के सुधार और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने समेत कई मुद्दों पर समीक्षा की गई। जिले के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों एनएच-19, एनएच-139, एनएच-120 एवं एसएच-68 पर चिह्नित 30 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों की जानकारी ली गई। एनएच -139 और एनएच-19 पर जसोईया मोड़, फार्म मोड़ और ओरा पुल समेत कई स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण, रंबल स्ट्रिप और साइन बोर्ड लगाने का काम पूरा हो चुका है। अन्य स्थानों पर पीबीएमसी योजना के तहत सुधार कार्य जारी है। शिक्षण संस्थान में चलने वाले वाहनों की भी की गई जांच बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक चलाए गए विशेष जांच अभियानों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस और परमिट समेत यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 3 करोड़ 19 लाख 94 हजार 712 रुपये की शमन राशि वसूली गई है। वहीं, जून से अगस्त 2026 के बीच स्कूल और शिक्षण संस्थानों में चलने वाले वाहनों की भी सघन जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 190 से अधिक वाहनों पर शमन की कार्रवाई की गई। हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। iRAD पोर्टल के अनुसार कुल स्वीकृत 507 आवेदनों में से 417 मामलों में GIC द्वारा मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए। ऑटो-टोटो के लिए सात रूट, नो-पार्किंग जोन पर सख्ती औरंगाबाद शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए ऑटो और टोटो के परिचालन के लिए सात प्रमुख रूट निर्धारित किए गए हैं। इन्हें रेड, ग्रीन, येलो, ब्लू, पिंक, ऑरेंज और पर्पल जोन में बांटा गया है। जिलाधिकारी ने निर्धारित रूट और नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। बैठक में ओल्ड जीटी रोड, एमजी रोड, कर्मा मोड़ और सर्विस लेन के विभिन्न हिस्सों को नो-पार्किंग जोन घोषित करने और अनावश्यक रोड मेडियन कट को स्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। एनएच -19, एनएच -139, एनएच -120 और पथ निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे कुल 185 अतिक्रमण स्थलों को चिह्नित किया गया है। इनमें भखरूआं मोड़, जसोईया मोड़ और अंबा समेत कई प्रमुख स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। शेष स्थानों पर भी कार्रवाई करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारियों को दिया गया।
राहवीरों को मिलेंगे 25 हजार सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन यानी राहवीरों को प्रोत्साहित करने के लिए चल रही योजना के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। 17 जुलाई 2026 से प्रभावी योजना के तहत राहवीरों को सम्मानित करने के साथ 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। शहर में आधुनिक यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए रमेश चौक, एमजी रोड अंडरपास सहित 10 प्रमुख चौराहों पर ITMS और ANPR कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पिंक बूथ और ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थल चिह्नित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में कमी लाई जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, सदर एसडीओ गौरव सिंह, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, एमवीआई, पथ निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता तथा विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। औरंगाबाद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट के सुधार और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने समेत कई मुद्दों पर समीक्षा की गई। जिले के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों एनएच-19, एनएच-139, एनएच-120 एवं एसएच-68 पर चिह्नित 30 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों की जानकारी ली गई। एनएच -139 और एनएच-19 पर जसोईया मोड़, फार्म मोड़ और ओरा पुल समेत कई स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण, रंबल स्ट्रिप और साइन बोर्ड लगाने का काम पूरा हो चुका है। अन्य स्थानों पर पीबीएमसी योजना के तहत सुधार कार्य जारी है। शिक्षण संस्थान में चलने वाले वाहनों की भी की गई जांच बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक चलाए गए विशेष जांच अभियानों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस और परमिट समेत यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 3 करोड़ 19 लाख 94 हजार 712 रुपये की शमन राशि वसूली गई है। वहीं, जून से अगस्त 2026 के बीच स्कूल और शिक्षण संस्थानों में चलने वाले वाहनों की भी सघन जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 190 से अधिक वाहनों पर शमन की कार्रवाई की गई। हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। iRAD पोर्टल के अनुसार कुल स्वीकृत 507 आवेदनों में से 417 मामलों में GIC द्वारा मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए। ऑटो-टोटो के लिए सात रूट, नो-पार्किंग जोन पर सख्ती औरंगाबाद शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए ऑटो और टोटो के परिचालन के लिए सात प्रमुख रूट निर्धारित किए गए हैं। इन्हें रेड, ग्रीन, येलो, ब्लू, पिंक, ऑरेंज और पर्पल जोन में बांटा गया है। जिलाधिकारी ने निर्धारित रूट और नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। बैठक में ओल्ड जीटी रोड, एमजी रोड, कर्मा मोड़ और सर्विस लेन के विभिन्न हिस्सों को नो-पार्किंग जोन घोषित करने और अनावश्यक रोड मेडियन कट को स्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। एनएच -19, एनएच -139, एनएच -120 और पथ निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे कुल 185 अतिक्रमण स्थलों को चिह्नित किया गया है। इनमें भखरूआं मोड़, जसोईया मोड़ और अंबा समेत कई प्रमुख स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। शेष स्थानों पर भी कार्रवाई करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारियों को दिया गया।
राहवीरों को मिलेंगे 25 हजार सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन यानी राहवीरों को प्रोत्साहित करने के लिए चल रही योजना के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। 17 जुलाई 2026 से प्रभावी योजना के तहत राहवीरों को सम्मानित करने के साथ 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। शहर में आधुनिक यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए रमेश चौक, एमजी रोड अंडरपास सहित 10 प्रमुख चौराहों पर ITMS और ANPR कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पिंक बूथ और ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थल चिह्नित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में कमी लाई जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, सदर एसडीओ गौरव सिंह, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, एमवीआई, पथ निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता तथा विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

