भास्कर न्यूज | बक्सर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शिवाजी कॉलेज में पढ़ने का सपना देख रही सोनम के लिए 28 अगस्त का दिन बेहद तनावपूर्ण था। दाखिले की अंतिम तिथि नजदीक थी, लेकिन जरूरी प्रमाण-पत्र न मिलने से प्रवेश अटक गया था। ऐसे समय में ‘जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन’ (डीएचईडब्ल्यू) की टीम ने उसकी मदद की। सोनम 27 अगस्त को डीएचईडब्ल्यू कार्यालय पहुँची थी। दिल्ली विश्वविद्यालय में आवेदन की अंतिम समय-सीमा 28 अगस्त शाम 5 बजे तक थी। टीम ने बक्सर के राजस्व पदाधिकारी से संपर्क कर नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कराया। लेकिन माता-पिता के दस्तावेज अलग-अलग प्रखंडों के होने से 28 अगस्त की सुबह आवेदन रद्द हो गया। भास्कर न्यूज | बक्सर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शिवाजी कॉलेज में पढ़ने का सपना देख रही सोनम के लिए 28 अगस्त का दिन बेहद तनावपूर्ण था। दाखिले की अंतिम तिथि नजदीक थी, लेकिन जरूरी प्रमाण-पत्र न मिलने से प्रवेश अटक गया था। ऐसे समय में ‘जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन’ (डीएचईडब्ल्यू) की टीम ने उसकी मदद की। सोनम 27 अगस्त को डीएचईडब्ल्यू कार्यालय पहुँची थी। दिल्ली विश्वविद्यालय में आवेदन की अंतिम समय-सीमा 28 अगस्त शाम 5 बजे तक थी। टीम ने बक्सर के राजस्व पदाधिकारी से संपर्क कर नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कराया। लेकिन माता-पिता के दस्तावेज अलग-अलग प्रखंडों के होने से 28 अगस्त की सुबह आवेदन रद्द हो गया।

