हिसार जिले के गांव प्रभुवाला में लितानी मोड़ के पास लोगों को रुपए कई गुना बढ़ाकर देने का लालच देकर करीब चार लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का उकलाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बाकायदा पुलिस का रूप धारण कर ऐसा माहौल तैयार किया, जिससे पीड़ितों को यह लगे कि पुलिस ने उनकी रकम जब्त कर ली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक आरोपी फर्जी पुलिस वर्दी में वारदात में शामिल बताया जा रहा है। रकम कई गुना करने का दिया लालच जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने लितानी मोड़ के पास लोगों को रकम कई गुना करने का झांसा दिया और इसके बाद करीब चार लाख रुपए की ठगी कर ली। योजना के तहत गिरोह के एक सदस्य ने पुलिस की फर्जी वर्दी पहन रखी थी, जबकि एक गाड़ी को भी इस तरह पेश किया गया कि वह पुलिस की गाड़ी लगे। आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस का डर दिखाकर लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि उनकी रकम पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। लोगों को शक हुआ तो दी पुलिस को जानकारी हालांकि, फर्जी पुलिसकर्मी की गतिविधियों को लेकर लोगों को शक हो गया। इसके बाद उन्होंने उसका पीछा किया और मामले की सूचना थाना उकलाना प्रभारी कुलदीप सिंह व राजेश पातड़ को दी। सूचना मिलते ही उकलाना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपियों का पीछा किया। पुलिस टीम ने गांव प्रभुवाला में घेराबंदी कर गिरोह के 3 सदस्यों को काबू कर लिया। पुलिस ने मौके से उस गाड़ी को भी कब्जे में लिया, जिसे आरोपी पुलिस वाहन के रूप में प्रदर्शित कर रहे थे। पुलिस की एक अन्य टीम गिरोह में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ठगी की पूरी साजिश, रकम की बरामदगी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले इसी तरह की अन्य वारदातों को तो अंजाम नहीं दिया। पुलिस की तत्परता से खुला फर्जीवाड़ा लोगों द्वारा समय रहते पुलिस को सूचना देने और उकलाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी करने वाले गिरोह का मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

