बागपत जिला अस्पताल में कई मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के टीकाकरण, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए आशा और आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपए और आशा संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग रखी। इसके अलावा आशा संगिनी को कामकाज के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उपलब्ध कराने, सभी कार्यकर्ताओं को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देने और उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग भी उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने सभी आशा एवं आशा संगिनी को 5जी मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने से उन्हें अपने कार्यों को पूरा करने में सहूलियत होगी। धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं। अब शासन-प्रशासन को उनकी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका विरोध जारी रहेगा

