आजादी के दिन इंदौर में ‘सर्जिकल स्वराज’:एक दिन में 51 रोबोटिक सर्जरी, औसत वजन 122 किलो; 6 रोबोटिक सिस्टम से चला ऑपरेशन

आजादी के दिन इंदौर में ‘सर्जिकल स्वराज’:एक दिन में 51 रोबोटिक सर्जरी, औसत वजन 122 किलो; 6 रोबोटिक सिस्टम से चला ऑपरेशन

स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में हेल्थकेयर के क्षेत्र में एक अनोखी पहल सामने आई। बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने एक ही दिन में 51 मरीजों की रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी की। इस पहल को ‘सर्जिकल स्वराज’ नाम दिया गया है। उनका दावा है कि एक दिन में 51 बैरियाट्रिक सर्जरी का यह विश्व रिकॉर्ड है। इसमें छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन सहित मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने एक साथ काम किया। ये मरीज मप्र, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य शहरों के हैं। इस पहल का उद्देश्य एडवांस्ड रोबोटिक तकनीक के साथ बड़े स्तर पर बैरिएट्रिक सर्जरी करने की क्षमता को प्रदर्शित करना है। 51 मरीजों की हुई सर्जरी ‘सर्जिकल स्वराज’ के तहत जिन 51 मरीजों की सर्जरी की गई, उनमें 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल हैं। मरीजों की औसत उम्र 43.6 वर्ष रही। सबसे कम उम्र का मरीज 35 और सबसे अधिक उम्र का मरीज 77 वर्ष का था। मरीजों का औसत वजन करीब 122 किलोग्राम रहा। पूरी प्रक्रिया में प्लानिंग, सर्जिकल टीमों के बीच तालमेल और रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। सुबह 4.30 बजे से शुरू हुई सर्जरी में शाम 5.30 बजे तक 50 सर्जरी के बाद भी सर्जरी चल रही है। एक सर्जरी के लिए करीब 45 मिनट का समय लगता है और दो दिनों बाद मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 6 रोबोटिक सिस्टम और पूरी टीम ने मिलकर संभाला मोर्चा इस पहल की खासियत यह रही कि एक साथ छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इनके साथ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग प्रोफेशनल, टेक्नीशियन और सपोर्ट स्टाफ की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम भी तैनात रही। इसका मकसद एडवांस्ड रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी को बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए एक समन्वित सर्जिकल मॉडल प्रस्तुत करना था। डॉ. भंडारी बोले सिर्फ संख्या बढ़ाना उद्देश्य नहीं डॉ. मोहित भंडारी ने कहा कि ‘सर्जिकल स्वराज’ का उद्देश्य केवल एक दिन में बड़ी संख्या में सर्जरी करना नहीं है। इसका मकसद यह दिखाना है कि तकनीक, टीमवर्क, सटीक प्लानिंग और क्लिनिकल विशेषज्ञता के जरिए भारतीय हेल्थकेयर किस स्तर तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक छह रोबोटिक सिस्टम का एक साथ समन्वय से इस्तेमाल देश में डेवलप हो रहे आधुनिक सर्जिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और टीम की क्षमता को दर्शाता है। आजादी के 80वें वर्ष से जोड़ा ‘सर्जिकल स्वराज’ इस पहल को स्वतंत्रता दिवस से जोड़ते हुए डॉ. भंडारी ने इसे मेडिकल टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ‘सर्जिकल स्वराज’ के जरिए मेडिकल क्षेत्र में देश की तकनीकी क्षमता, विशेषज्ञता और मरीजों के भरोसे को सामने लाने का प्रयास किया गया है। 40 हजार से ज्यादा बैरिएट्रिक सर्जरी का दावा आयोजकों के अनुसार डॉ. मोहित भंडारी अब तक 40 हजार से अधिक बैरिएट्रिक सर्जरी कर चुके हैं। उनके संस्थान ‘मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स’ को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ की ओर से एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले केंद्र के रूप में मान्यता मिलने का भी दावा किया गया है। क्या है बैरिएट्रिक सर्जरी? बैरिएट्रिक सर्जरी मोटापे के इलाज में की जाने वाली सर्जरी है। इसमें पेट के आकार या पाचन तंत्र में बदलाव करके वजन कम करने में मदद की जाती है। रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल से ऐसी सर्जरी को अधिक नियंत्रित और मिनिमली इनवेसिव तरीके से करने का प्रयास किया जाता है।

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