80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की जेलों से 110 पुरुष बंदी एवं 5 महिला बंदी सहित कुल 115 पात्र बंदी रिहा किये गए। यह रिहाई जेल में रहने के दौरान बंदी के अच्छे आचरण, अनुशासित व्यवहार और तय नियमों के पालन के आधार पर दी गई है। समय पूर्व रिहाई नीति के अंतर्गत वर्ष में पांच विशेष अवसरों- गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर पात्र कैदियों को रिहा किया जाता है। डॉ. वरुण कपूर महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं ने रिहा होने वाले बंदियों को शुभकामनाएं दी एवं रिहाई के बाद पुनः अपराध न करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी। डॉ. कपूर ने बताया कि रिहा होने वाले कैदियों को जेल में रहने के दौरान पुनर्वास के लिए टेलरिंग, कारपेंट्री, लोहारी, भवन मिस्त्री और भवन-सामग्री निर्माण जैसे कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें एवं समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। अब जेल से रिहा होने के बाद इस प्रशिक्षण और कौशल के आधार पर वे अपने आजीविका के लिए काम चुनकर जीवन जी सकेंगे। इस जिले से इतने बंदी हुए रिहा बंदियों की रिहाई के लिए जेल विभाग की समय पूर्व रिहाई नीति 2025 के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। इसी आधार पर प्रदेश में जबलपुर सर्किल से 18, भोपाल सर्किल से 15, रीवा सर्किल से 15, सतना सर्किल से 11, इंदौर सर्किल से 12, उज्जैन सर्किल से 12, सागर सर्किल से 8, नर्मदापुरम सर्किल से 7, बड़वानी सर्किल से 7, ग्वालियर सर्किल से 6 एवं नरसिंहपुर सर्किल से 4 बंदियों को रिहा किया गया।


