नगर निगम में गाड़ियों का भुगतान नहीं होने से पांच अफसरों की गाड़ियों के ड्राइवर पिछले तीन दिन से हड़ताल पर हैं। वहीं, अतिक्रमण दस्ते में चलने वाली बोलेरो और उसका ड्राइवर पिछले 10 दिन से हड़ताल पर हैं। गाड़ियों का कई महीनों से भुगतान नहीं होने के कारण ड्राइवरों ने काम छोड़ दिया है। इसका असर निगम के कामकाज पर भी पड़ने लगा है। चार अफसरों को अपनी निजी गाड़ियों से दफ्तर पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, अतिक्रमण दस्ते की बोलेरो खड़ी होने से टीम बाजारों में अतिक्रमण देखने नहीं जा पा रही है। ड्राइवरों का कहना है कि भुगतान से संबंधित फाइलें तैयार हैं, लेकिन आयुक्त की ओर से हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। उन्हें निगम के पास बजट नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसे में कई महीनों से भुगतान का इंतजार कर रहे ड्राइवरों ने गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। 6 महीने से भुगतान नहीं, अपनी जेब से डीजल भरवा रह अतिक्रमण दस्ते में बोलेरो चलाने वाले ड्राइवर सोनू ने बताया कि उनकी गाड़ी का पिछले छह महीने से भुगतान नहीं हुआ है। जब भी भुगतान की बात करते हैं तो निगम के पास बजट नहीं होने का हवाला दिया जाता है। इसी परेशानी के चलते वह पिछले 10 दिन से गाड़ी खड़ी कर हड़ताल पर हैं। और कई गाड़ियों के तीन महीने और दो महीने का पैसा नहीं आया है। सोनू ने बताया कि प्रत्येक गाड़ी के लिए 28,900 रुपए के हिसाब से भुगतान होता है। भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी जेब से डीजल भरवाना पड़ रहा है। गाड़ी चलाने पर होने वाला बाकी खर्च भी उन्हें ही उठाना पड़ता है। इन अफसरों की गाड़ियां खड़ी हड़ताल पर खड़ी पांच गाड़ियों में सफाई निरीक्षक (एचओ) सुरेश शर्मा की एक कार, एक्सईएन दिनेश चंद और नोहिन खानम की दो कारें, अकाउंट सेक्शन का काम देखने वाले एओ राजेश खंडारा की एक कार और अतिक्रमण अधिकारी राजीव लोचन के दस्ते में चलने वाली बोलेरो शामिल है। इन गाड़ियों के खड़े होने से चार अफसरों को अपनी निजी गाड़ियों से दफ्तर पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, अतिक्रमण दस्ते की बोलेरो पिछले 10 दिन से खड़ी होने के कारण टीम बाजारों में अतिक्रमण की निगरानी के लिए नहीं जा पा रही है। इससे निगम की अतिक्रमण निरोधक कार्रवाई भी प्रभावित हो रही है। आयुक्त बोले- मामले को दिखवा रहे हैं नगर निगम आयुक्त माधव भारद्वाज ने कहा कि गाड़ियों के भुगतान का मामला दिखवाया जा रहा है।

