अररिया जिला प्रशासन ने नवरात्र और दशहरा पर्व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पूजा पंडालों में भीड़ और प्रतिमा विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी बिनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया। जिले के 251 स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और पुलिस बल तैनात हैं। इनमें अररिया अनुमंडल के 138 और फारबिसगंज अनुमंडल के 113 स्थान हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए अररिया अनुमंडल में 24 और फारबिसगंज अनुमंडल में 29 मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी रिजर्व में रखे गए हैं। ये सभी 17 से 21 अक्टूबर तक अपनी ड्यूटी पर रहेंगे। प्रशासन ने पूर्व में तनाव वाले संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने को कहा है। थानाध्यक्षों, बीडीओ और सीओ को लगातार क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। शराब और गांजा के अवैध कारोबार पर भी कार्रवाई पर्व के दौरान नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग और सभी थानाध्यक्षों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिले में शराब और गांजा की बिक्री रोकने के साथ अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और जेल भेजने को कहा गया है। प्रशासन का जोर स्पष्ट है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा, शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना और उत्सव में शामिल हो सकें। अररिया जिला प्रशासन ने नवरात्र और दशहरा पर्व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पूजा पंडालों में भीड़ और प्रतिमा विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी बिनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया। जिले के 251 स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और पुलिस बल तैनात हैं। इनमें अररिया अनुमंडल के 138 और फारबिसगंज अनुमंडल के 113 स्थान हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए अररिया अनुमंडल में 24 और फारबिसगंज अनुमंडल में 29 मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी रिजर्व में रखे गए हैं। ये सभी 17 से 21 अक्टूबर तक अपनी ड्यूटी पर रहेंगे। प्रशासन ने पूर्व में तनाव वाले संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने को कहा है। थानाध्यक्षों, बीडीओ और सीओ को लगातार क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। शराब और गांजा के अवैध कारोबार पर भी कार्रवाई पर्व के दौरान नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग और सभी थानाध्यक्षों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिले में शराब और गांजा की बिक्री रोकने के साथ अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और जेल भेजने को कहा गया है। प्रशासन का जोर स्पष्ट है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा, शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना और उत्सव में शामिल हो सकें।

