अयोध्या जिले में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले एक लाख 12 हजार से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन सस्पेंड कर दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं के लिए अब नियमित 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर बुक कराना संभव नहीं होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर तेल कंपनियों ने एक अक्टूबर से लंबित कनेक्शनों पर सिलेंडर बुकिंग रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की घरेलू गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। जिले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) की कुल 52 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इन तीनों कंपनियों से जुड़े जिले के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या करीब 6.46 लाख है। इनमें लगभग 3.98 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि एक लाख 12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने अब तक इसे नहीं कराया है। लंबित ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं में सबसे अधिक संख्या आईओसीएल से जुड़े उपभोक्ताओं की बताई जा रही है। तेल कंपनियों की ओर से ई-केवाईसी को अनिवार्य किए जाने का उद्देश्य डुप्लीकेट और फर्जी गैस कनेक्शनों की पहचान करना तथा पात्र उपभोक्ताओं तक सब्सिडी का लाभ पहुंचाना है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कनेक्शनों पर बुकिंग की सुविधा रोक दी गई है। ऐसे उपभोक्ता नियमित घरेलू सिलेंडर नहीं ले सकेंगे। हालांकि, जरूरत पड़ने पर वे बाजार दर पर पांच या 10 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर खरीद सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार, दस अक्टूबर को बताया कि जिले में एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया फर्जी और दोहरे कनेक्शनों पर रोक लगाने के साथ सब्सिडी का सही लाभ सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। उनके अनुसार, इस संबंध में अब तक किसी उपभोक्ता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

