विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर ब्यावर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने राजकीय महिला नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में एक जागरूकता शिविर लगाया। इसका मकसद मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी देना था। प्राधिकरण की सचिव सोनल पारीख ने नालसा (मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2024 के बारे में बताया। उन्होंने मानसिक बीमारी से प्रभावित लोगों के कानूनी अधिकारों, मुफ्त कानूनी मदद और उनके लिए उपलब्ध सुरक्षा सेवाओं की जानकारी दी। डॉ. अनिरुद्ध भार्गव ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और तनाव प्रबंधन पर बात की। उन्होंने लक्षणों को पहचानने, समय पर इलाज लेने और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील रहने पर जोर दिया। अधिकार मित्र संजय सिंह गहलोत ने बाल विवाह से होने वाले मानसिक तनाव और उसके बुरे प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया। शिविर के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने, जरूरतमंदों को इलाज और कानूनी मदद से जोड़ने का संदेश दिया गया।

