इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास अंबेडकर मूर्ति पर शनिवार को अधिवक्ता मंच के सदस्यों ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके इस्तीफे और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहा है और इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मंच के सह-संयोजक मोहम्मद सईद सिद्दीकी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा लेने और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग भी की। सिद्दीकी ने कहा कि वे सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, देश के कई संगठन इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का किसी एक पार्टी के पक्ष में काम करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। वहीं, अधिवक्ता मंच के संयोजक राजवेन्द्र सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के चयन से जुड़े वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने और एसआईआर की पूरी प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर कराए जाने चाहिए। राजवेन्द्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन करने वाले लोगों को एक जगह इकट्ठा होने से रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।

