लखीमपुर में मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने शनिवार दोपहर ढाई बजे हवन-पूजन के साथ आंदोलन समाप्त कर दिया। कर्मचारियों ने सरकार और व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोगों की सद्बुद्धि के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समान काम-समान वेतन, नियमितीकरण और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बाद भी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। ‘भगवान ही अब एकमात्र सहारा’ धरना समाप्त करने के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं, लेकिन अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि जब सरकार और व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोगों तक उनकी बात नहीं पहुंच रही है, तो उन्होंने भगवान से प्रार्थना करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने कहा कि हवन-पूजन का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद जिम्मेदार लोग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। सम्मानजनक सेवा शर्तें देने की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम-समान वेतन, नियमितीकरण और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि ये मांगें उनके भविष्य और परिवार की सुरक्षा से जुड़ी हैं। तीन दिन तक चले धरने के समापन पर कर्मचारियों ने पूजन के बाद प्रसाद बांटा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी, ताकि वे बेहतर परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

