अजमेर। हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में बंद झुंझुनूं निवासी योगेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है। जेल में रहते हुए ‘जेल में ब्रांडेड कफन’ नामक पुस्तक लिखने वाले योगेश को झुंझुनूं के बहुचर्चित ज्वैलरी शोरूम लूट एवं फायरिंग मामले में न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2, झुंझुनूं ने 30 सितंबर को उसे भारतीय दंड संहिता और आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया।
हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि यह मामला वर्ष 2019 में झुंझुनूं के कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। न्यायालय ने धारा 396 के तहत योगेश को आजीवन कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 395 में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना, धारा 450 और 397 में सात-सात वर्ष का कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 120-बी में दो वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई।
इसी तरह आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत भी दो वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। न्यायालय ने सभी मूल सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं।
जेल में लिखी थी ‘जेल में ब्रांडेड कफन’
योगेश लंबे समय से हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में निरुद्ध है। जेल अधीक्षक के अनुसार वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। जेल में रहते हुए उसने अपने अनुभवों के आधार पर ‘जेल में ब्रांडेड कफन’ नाम से पुस्तक लिखी थी। इसमें जेल जीवन, अपराध की दुनिया और गैंग संस्कृति से जुड़े उसके अनुभवों और विचारों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक डिजिटल रूप में प्रकाशित होने के बाद योगेश चर्चा में आया था। जेल में रहते हुए पुस्तक लिखने के कारण उसका मामला लोगों के बीच खासा चर्चित हुआ।
पहले से चार मामलों में सजा भुगत रहा
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के मुताबिक योगेश कुमार पहले से ही चार अन्य आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता है और हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में सजा भुगत रहा है। अब झुंझुनूं के ज्वैलरी शोरूम लूट एवं फायरिंग मामले में आजीवन कारावास की नई सजा सुनाई गई है। न्यायालय का नया वारंट भी हाई सिक्योरिटी जेल प्रशासन को प्राप्त हो गया है।

