नरसिंहपुर पुलिस ने मानवीयता का परिचय देते हुए सऊदी अरब से भटककर आए एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को उसके परिवार से मिलवाया। यह घटना पुलिस के संवेदनशील कार्य और इंसानियत की मिसाल बन गई। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 44 वर्षीय उनसाद मियां सऊदी अरब में ड्राइवर का काम करते थे। कुछ समय पहले उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। गंभीर हालत के चलते उन्हें 24 अप्रैल 2026 को रियाद एयरपोर्ट से भारत भेजा गया था। वह मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे, लेकिन अपनी खराब मानसिक स्थिति के कारण घर नहीं पहुंच सके। भटकते हुए उनसाद भुसावल होते हुए मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले तक आ पहुंचे। कई दिनों तक उनसाद शहर में घूमते रहे। आरक्षक को 5 मई को मिला इसी दौरान 5 मई 2026 को नरसिंहपुर कोतवाली में तैनात आरक्षक पंकज राजपूत की नजर उन पर पड़ी। उनकी हालत देखकर पंकज ने उनसे बातचीत शुरू की। शुरुआत में उनसाद ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे थे, लेकिन लगातार बातचीत और सहयोग के बाद उन्होंने अपनी पहचान बताई। उनके पास केवल उनका पासपोर्ट था, जबकि मोबाइल फोन कहीं खो चुका था। आरक्षक पंकज राजपूत ने उन्हें भोजन कराया और कपड़े उपलब्ध कराए। सिर्फ पत्नी का नंबर था याद बातचीत के दौरान उनसाद ने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर बताया, जो उन्हें याद था। पंकज ने उस नंबर पर कॉल कर उनसाद के परिवार को पूरी जानकारी दी। लंबे समय से लापता उनसाद के बारे में खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। 9 मई को उनके बड़े भाई जैश मोहम्मद और दो भतीजे नरसिंहपुर पहुंचे। अपने भाई को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो उठा, वहीं उनसाद भी अपनों को सामने देखकर प्रसन्न हुए। परिजनों ने नरसिंहपुर पुलिस और आरक्षक पंकज राजपूत का आभार व्यक्त किया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में उनसाद को सुरक्षित ट्रेन से उनके घर के लिए रवाना किया गया। स्टेशन पर विदाई के दौरान माहौल भावुक हो गया।


