जहानाबाद के गया-पटना रेलखंड पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चलती ट्रेन से गिरकर 40 वर्षीय रामरूप विश्वकर्मा की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना मोबाइल छिनतई के प्रयास के दौरान हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में हुआ हादसा बताया जा रहा है कि रामरूप विश्वकर्मा पटना से अपने घर लौट रहे थे। मदारपुर के समीप अचानक मोबाइल छिनतई की घटना हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में वह ट्रेन से नीचे गिर पड़े और ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ मौजूद महिला ने बताया खुद को पत्नी घटना के समय उनके साथ मौजूद नीलम देवी ने खुद को मृतक की पत्नी बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह शोर मचा रही थीं कि “मोबाइल लेकर भाग रहा है”। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक यात्री की जान जा चुकी थी। रेलवे पुलिस कर रही जांच आरपीएफ अधिकारी एमडी सज्जाद आलम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मोबाइल छिनतई की बात सामने आई है। शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इलाके में सक्रिय गिरोहों पर सवाल स्थानीय लोगों ने गया-पटना रेलखंड पर मोबाइल चोर गिरोहों की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन के धीमा होने या स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाया जाता है। कई बार ऐसे प्रयासों में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक इन गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। जहानाबाद के गया-पटना रेलखंड पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चलती ट्रेन से गिरकर 40 वर्षीय रामरूप विश्वकर्मा की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना मोबाइल छिनतई के प्रयास के दौरान हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में हुआ हादसा बताया जा रहा है कि रामरूप विश्वकर्मा पटना से अपने घर लौट रहे थे। मदारपुर के समीप अचानक मोबाइल छिनतई की घटना हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में वह ट्रेन से नीचे गिर पड़े और ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ मौजूद महिला ने बताया खुद को पत्नी घटना के समय उनके साथ मौजूद नीलम देवी ने खुद को मृतक की पत्नी बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह शोर मचा रही थीं कि “मोबाइल लेकर भाग रहा है”। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक यात्री की जान जा चुकी थी। रेलवे पुलिस कर रही जांच आरपीएफ अधिकारी एमडी सज्जाद आलम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मोबाइल छिनतई की बात सामने आई है। शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इलाके में सक्रिय गिरोहों पर सवाल स्थानीय लोगों ने गया-पटना रेलखंड पर मोबाइल चोर गिरोहों की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन के धीमा होने या स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाया जाता है। कई बार ऐसे प्रयासों में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक इन गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।


