Menstrual Hygiene Day 2026: लड़कियों और महिलाओं को माहवारी यानी पीरियड्स के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे (World Menstrual Hygiene Day) मनाया जाता है। आज के दौर में भी हमारे समाज में पीरियड्स को लेकर कई तरह की रूढ़िवादी सोच/ मिथक और अंधविश्वास फैले हुए हैं।
डॉ. अनुभूति राणा (AIIMS, नई दिल्ली) की एसोसिएट प्रोफेसर ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एम्स सोशल मीडिया चैनल पर एक वीडियो शेयर कर कई काम की बातें बताई हैं।
VIDEO : पीरियड्स से जुड़े मिथक और सच
मिथक 1. किचन में न जाना और खुद को अलग रखना
पूजा-पाठ और मंदिर से दूरी, किचन या रसोई में जाने की मनाही, खुद को कमरे में बंद करना… सबसे बड़ा मिथक है। डॉक्टर राणा के मुताबिक, यह पूरी तरह गलत है, क्योंकि इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
मिथक 2. पीरियड्स की वजह स्कूल मिस करना
तथ्य : उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पीरियड्स कभी भी किसी लड़की की पढ़ाई या उसके सपनों के आड़े नहीं आना चाहिए। आज भी जानकारी और सेनेटरी पैड्स की कमी के कारण देश के कई हिस्सों में लड़कियां पीरियड्स के दिनों में स्कूल जाना छोड़ देती हैं या खेल-कूद (Sports) जैसी गतिविधियों से पीछे हट जाती हैं।
डॉक्टर का कहना है कि सही हाइजीन प्रोडक्ट्स मेंस्ट्रुअल कप, पैड्स आदि का यूज करना चाहिए। इससे आप पीरियड्स के दौरान हाइजीन मेंटेन रख सकती हैं। साथ ही सहजता से अपने काम कर सकती हैं। इनका इस्तेमाल करके आप रोजमर्रा का कार्य कर सकती हैं।
मिथक 3. पीरियड्स बीमारी है
तथ्य : समाज को अपनी यह सोच बदलनी होगी कि पीरियड्स कोई अपवित्र चीज या बीमारी नहीं है। यह हर महिला के शरीर में होने वाली एक बेहद सामान्य और प्राकृतिक बायोलॉजिकल प्रोसेस (Biological Process) है, जो इस बात का संकेत है कि महिला का शरीर पूरी तरह स्वस्थ है।
पीरियड्स हाइजीन से जुड़ी डॉक्टर की सलाह
तथ्य : पीरियड्स के दौरान इन्फेक्शन और बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई (Menstrual Hygiene) का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। सेनेटरी पैड, कप को समय-समय पर जरूर बदलें। कप की साफ-सफाई का ध्यान रखें। गंदे कपड़े का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे गंभीर इन्फेक्शन या गर्भाशय से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
इसके साथ ही, पुरुषों और लड़कों को भी पीरियड्स के बारे में शिक्षित करना जरूरी है ताकि वो घर की महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल दे सकें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


