World Hypertension Day 2026: अक्सर हम सिरदर्द या थकान को आम बात समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन यह शरीर के अंदर बढ़ रहे हाई ब्लड प्रेशर का इशारा हो सकता है। 17 मई को पूरी दुनिया में विश्व हाइपरटेंशन डे मनाया जा रहा है, डब्ल्यूएचओ WHO के अनुसार, दुनिया में करीब 1.4 अरब लोग इस बीमारी के शिकार हैं।
इस साल विश्व उच्च रक्तचाप दिवस थीम है मिलकर हाइपरटेंशन को हराएं, अपना बीपी लगातार चेक कराएं। डॉक्टर बाबूलाल वर्मा (फिजिशियन, उपजिला अस्पताल) का कहना है कि अगर हम समय रहते अपनी कुछ खराब आदतों को बदल लें, तो इसे तरह काबू में रखा जा सकता है। आइए जानते हैं किन आदतों में सुधार करके हाई बीपी से बच सकते हैं?
1. नमक पर लगाएं लगाम (कम करें सोडियम)
हमारे खून में सोडियम की मात्रा जैसे ही बढ़ती है, बीपी का लेवल ऊपर भागने लगता है। इसके लिए सिर्फ रसोई में नमक कम करना काफी नहीं है, बल्कि बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद नमकीन, चिप्स, सॉस, अचार जैसी चीजों से पूरी तरह दूरी बनानी होगी। WHO ने Shake the Salt Habit नाम से हाल ही में नमक कम करने की नई गाइडलाइन जारी की है।
2. रोजाना 30 मिनट का वॉक
डॉक्टर के अनुसार, फिजिकल एक्टिविटी न करना या दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना बीपी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है। जब आप रोज सिर्फ 30 मिनट तेज कदमों से टहलते हैं, साइकिल चलाते हैं या योग करते हैं, तो आपके दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मजबूत दिल कम ताकत लगाकर भी शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर रख सकता है, जिससे नसों पर दबाव अपने आप कम हो जाता है।
3. तनाव से दूरी और सुकून की नींद
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और रात को देर तक जागना सीधे तौर पर हाइपरटेंशन को न्योता दे रहा है। जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जो दिल की धड़कन और बीपी को तुरंत बढ़ा देते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि हर व्यक्ति को कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और सुकून की नींद जरूर लेनी चाहिए।
4. धूम्रपान और शराब से दूरी
जो लोग सिगरेट या शराब का सेवन करते हैं, उनके लिए हाई बीपी का खतरा दोगुना हो जाता है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन शरीर के अंदर जाते ही नसों को सिकोड़ देता है, जिससे खून को बहने के लिए कम जगह मिलती है और दबाव अचानक बढ़ जाता है। वहीं, शराब का ज्यादा सेवन दिल की धड़कन को अनियंत्रित करता है। इन्हें छोड़कर आप अपने दिल और किडनी दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
5. 30 की उम्र के बाद रेगुलर चेकअप
हाइपरटेंशन को पहचानने का एकमात्र तरीका है, जांच कराना। डॉक्टर का कहना है कि अब यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों की नहीं रही, बल्कि युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। इसलिए 30 साल की उम्र पार करते ही हर व्यक्ति को महीने में कम से कम एक बार अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाना चाहिए, भले ही आप खुद को बिल्कुल फिट महसूस कर रहे हों।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


