कांग्रेस नेता पर FIR के विरोध में कार्यकर्ताओं का मार्च:राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, तीन मांगों के निराकरण की मांग

पन्ना जिले में कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पांडे पर दर्ज हुई एफआईआर को लेकर राजनीति गरमा गई है। सोमवार, 4 मई को जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार शशिकांत दुबे को सौंपा। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताते हुए प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में जिला अध्यक्ष अनीश खान ने आरोप लगाया कि ग्राम पिस्टा निवासी और कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पांडे क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर रेलवे ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहे अवैध उत्खनन की लगातार शिकायत कर रहे थे। कांग्रेस का दावा है कि अवैध उत्खनन के काले कारनामों को छिपाने और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस और वन विभाग ने षड्यंत्र रचकर भरत मिलन पांडे और उनके परिवार पर झूठा मुकदमा दर्ज किया है। तस्वीरें देखिए… तीन मांगों के निराकरण की मांग कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, जयकरण अहिरवार के साथ मारपीट करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। दूसरी, भरत मिलन पांडे पर दर्ज किए गए ‘फर्जी’ मुकदमे की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। तीसरी, क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। जिला कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष अनीश खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। क्या है मामला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीस खान ने बताया कि यह मामला अजयगढ़ तहसील के ग्राम पिस्टा का है। आरोप है कि 23 अप्रैल 2024 को स्थानीय निवासी जयकरण अहिरवार के साथ डिप्टी रेंजर महीप रावत और उनके साथियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की थी। पीड़ित द्वारा थाना अजयगढ़ में शिकायत दर्ज कराने और एम.एल.सी. होने के बावजूद अब तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *