Women Reservation Bill: मैथिली ने कहा महिला के ‘अधिकारों पर हमला’, रोहिणी आचार्य ने जमीनी हकीकत पर खड़े किए सवाल

Women Reservation Bill: मैथिली ने कहा महिला के ‘अधिकारों पर हमला’, रोहिणी आचार्य ने जमीनी हकीकत पर खड़े किए सवाल

महिला आरक्षण बिल के विरोध पर मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा और खुला हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष का असली चेहरा अब सबके सामने आ चुका है। 

Women Reservation Billमहिला आरक्षण बिल का विरोध देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा हमला है।” मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि इस बिल का विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जो लोग नारी सम्मान की बात करते हैं, वही संसद में महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हो जाते हैं।

इधर, इस मुद्दे पर रोहिणी आचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं को मायके और ससुराल के बीच भेदभाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, इस तरह के महिला आरक्षण बिल की प्रासंगिकता पर सवाल उठता है।

महिलाओं की हकीकत पर बहस

रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर अपने एक्स (X) हैंडल से एक लंबा पोस्ट साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जिस देश में महिलाओं की सुरक्षा, उनके वास्तविक सशक्तीकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे बुनियादी मुद्दों पर ही सवाल खड़े हों, वहाँ केवल आरक्षण की बात करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आगे महिलाओं से जुड़े कई अहम सवाल उठाते हुए कहा कि सामाजिक, सार्वजनिक और पेशेवर जीवन में भी महिलाओं को भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “आत्मसम्मान के लिए आवाज उठाने पर महिलाओं को सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। उन्हें मायके और ससुराल के बीच भेदभाव की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ता है और पितृसत्तात्मक सोच के वर्चस्व के अधीन रहना पड़ता है।”

  

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