मुजफ्फरपुर में बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित ADEO की परीक्षा में नकल का हाईटेक तरीका दिखा। कान के अंदर ब्लूटूथ डिवाइस छिपाकर परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी को पकड़ा है। मामला शहर के स्वराजपुरी रोड स्थित महावीर इंटर कॉलेज का है। पहली पाली की परीक्षा के दौरान वीक्षकों की सतर्कता से पूरा खेल खुल गया। पकड़े गए युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कोतवाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराए जाने के बाद रिपोर्ट बीपीएससी को भेजी गई है। रिपोर्ट स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल पीपी प्रियदर्शी ने भेजी है। जानकारी के मुताबिक, सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी(ADEO) के लिए शुक्रवार को जिले के 19 केंद्रों पर परीक्षा हो रही थी। महावीर इंटर कॉलेज के रूम नंबर 16 में वैशाली निवासी प्रिंस कुमार बार-बार अपने कान को छू रहा था। उसकी हरकत पर वीक्षकों को शक हुआ। पूछताछ शुरू हुई तो पहले अभ्यर्थी ने बहाना बनाया कि कान में दर्द है। फिर बोला कि घाव है। जब सख्ती से जांच हुई, तो सच्चाई सामने आ गई। सेंटर सुपरिटेंडेंट पीपी प्रियदर्शी और स्टेटिक मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। गहन जांच में उसके कान के अंदर छिपाया गया इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुआ। यहीं नहीं, जब उसे परीक्षा कक्ष से बाहर लाया गया, तो उसने एक और उपकरण शरीर से निकालकर फेंक दिया। यह डिवाइस उसकी बांह के नीचे चिपकाया गया था। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस तुरंत अभ्यर्थी को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। बरामद उपकरण जब्त कर लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन अब यह भी खंगाल रहा है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं। कोतवाली पुलिस के इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। साथ ही आयोग को भी जानकारी भेजी गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 50 फीसदी परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल नहीं हुए इधर, परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। पहली पाली में कुल 11,448 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन सिर्फ 5,822 ही पहुंचे। 5,626 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं, दूसरी पाली में 5,786 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 5,662 अनुपस्थित रहे। यानी दोनों पालियों को मिलाकर करीब 50 फीसदी परीक्षार्थी परीक्षा में नहीं पहुंचे। जिले में परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। हर केंद्र पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद इस तरह का हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद कदाचार मुक्त परीक्षा के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि परीक्षा अभी 21 अप्रैल तक होनी है। मुजफ्फरपुर में बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित ADEO की परीक्षा में नकल का हाईटेक तरीका दिखा। कान के अंदर ब्लूटूथ डिवाइस छिपाकर परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी को पकड़ा है। मामला शहर के स्वराजपुरी रोड स्थित महावीर इंटर कॉलेज का है। पहली पाली की परीक्षा के दौरान वीक्षकों की सतर्कता से पूरा खेल खुल गया। पकड़े गए युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कोतवाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराए जाने के बाद रिपोर्ट बीपीएससी को भेजी गई है। रिपोर्ट स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल पीपी प्रियदर्शी ने भेजी है। जानकारी के मुताबिक, सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी(ADEO) के लिए शुक्रवार को जिले के 19 केंद्रों पर परीक्षा हो रही थी। महावीर इंटर कॉलेज के रूम नंबर 16 में वैशाली निवासी प्रिंस कुमार बार-बार अपने कान को छू रहा था। उसकी हरकत पर वीक्षकों को शक हुआ। पूछताछ शुरू हुई तो पहले अभ्यर्थी ने बहाना बनाया कि कान में दर्द है। फिर बोला कि घाव है। जब सख्ती से जांच हुई, तो सच्चाई सामने आ गई। सेंटर सुपरिटेंडेंट पीपी प्रियदर्शी और स्टेटिक मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। गहन जांच में उसके कान के अंदर छिपाया गया इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुआ। यहीं नहीं, जब उसे परीक्षा कक्ष से बाहर लाया गया, तो उसने एक और उपकरण शरीर से निकालकर फेंक दिया। यह डिवाइस उसकी बांह के नीचे चिपकाया गया था। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस तुरंत अभ्यर्थी को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। बरामद उपकरण जब्त कर लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन अब यह भी खंगाल रहा है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं। कोतवाली पुलिस के इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। साथ ही आयोग को भी जानकारी भेजी गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 50 फीसदी परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल नहीं हुए इधर, परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। पहली पाली में कुल 11,448 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन सिर्फ 5,822 ही पहुंचे। 5,626 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं, दूसरी पाली में 5,786 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 5,662 अनुपस्थित रहे। यानी दोनों पालियों को मिलाकर करीब 50 फीसदी परीक्षार्थी परीक्षा में नहीं पहुंचे। जिले में परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। हर केंद्र पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद इस तरह का हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद कदाचार मुक्त परीक्षा के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि परीक्षा अभी 21 अप्रैल तक होनी है।


