भागलपुर में जीआरपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साहिबगंज इंटरसिटी ट्रेन से एक युवक को कंट्रीमेड अवैध दोनाली बंदूक और फर्जी आर्म्स लाइसेंस के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान बांका जिले के डुमरिया निवासी गोपेश कुमार सिंह के तौर पर हुई है। तलाशी के दौरान 6 खोखे भी बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ पर खुला राज जमालपुर रेल एएसपी उमेश्वर चौधरी ने शुक्रवार रात 10:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि नियमित जांच अभियान के दौरान यह सफलता मिली है। भागलपुर जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नसीम अहमद अपनी टीम के साथ प्लेटफॉर्म संख्या- चार पर खड़ी ट्रेन में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध बैग पर उनकी नजर पड़ी। जिससे 12 बोर की बंदूक बरामद की गई। आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ करने पर पुलिस की नजर गोपेश कुमार सिंह पर पड़ी, जो घबराया हुआ दिख रहा था। सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया कि बैग उसी का है। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आर्म्स लाइसेंस उधमपुर का बताया जा रहा है। जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है एएसपी ने आगे कहा कि आरोपी के पास से छह खोखा भी मिला है। अब यह जांच का विषय है कि इन खोखों का इस्तेमाल कहां और किस परिस्थिति में किया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इस हथियार को लेकर कहां जा रहा था। इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था। 80 हजार में खरीदा था हथियार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साहिबगंज के एक अस्पताल में गार्ड की नौकरी के सिलसिले में गया था, लेकिन बात नहीं बनने पर वापस लौट रहा था। साल 2020 में वह कुशमाहा क्षेत्र में गार्ड की नौकरी करता था। उसी दौरान उसकी पहचान मुंगेर जिले के अकरम से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन बाद में उसने अधिक कमाई का लालच दिया। अकरम ने कहा कि अगर मेरे पास हथियार और लाइसेंस होगा तो उसकी सैलरी दोगुनी हो सकती है। इसी झांसे में आकर 2024 में उसने अकरम से 80 हजार रुपए में यह दोनाली बंदूक और फर्जी लाइसेंस खरीद लिया। अकबरनगर आकर उसने मुझे हथियार सौंपा था। अकरम की तलाश में छापेमारी की जा रही है। भागलपुर में जीआरपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साहिबगंज इंटरसिटी ट्रेन से एक युवक को कंट्रीमेड अवैध दोनाली बंदूक और फर्जी आर्म्स लाइसेंस के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान बांका जिले के डुमरिया निवासी गोपेश कुमार सिंह के तौर पर हुई है। तलाशी के दौरान 6 खोखे भी बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ पर खुला राज जमालपुर रेल एएसपी उमेश्वर चौधरी ने शुक्रवार रात 10:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि नियमित जांच अभियान के दौरान यह सफलता मिली है। भागलपुर जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नसीम अहमद अपनी टीम के साथ प्लेटफॉर्म संख्या- चार पर खड़ी ट्रेन में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध बैग पर उनकी नजर पड़ी। जिससे 12 बोर की बंदूक बरामद की गई। आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ करने पर पुलिस की नजर गोपेश कुमार सिंह पर पड़ी, जो घबराया हुआ दिख रहा था। सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया कि बैग उसी का है। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आर्म्स लाइसेंस उधमपुर का बताया जा रहा है। जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है एएसपी ने आगे कहा कि आरोपी के पास से छह खोखा भी मिला है। अब यह जांच का विषय है कि इन खोखों का इस्तेमाल कहां और किस परिस्थिति में किया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इस हथियार को लेकर कहां जा रहा था। इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था। 80 हजार में खरीदा था हथियार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साहिबगंज के एक अस्पताल में गार्ड की नौकरी के सिलसिले में गया था, लेकिन बात नहीं बनने पर वापस लौट रहा था। साल 2020 में वह कुशमाहा क्षेत्र में गार्ड की नौकरी करता था। उसी दौरान उसकी पहचान मुंगेर जिले के अकरम से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन बाद में उसने अधिक कमाई का लालच दिया। अकरम ने कहा कि अगर मेरे पास हथियार और लाइसेंस होगा तो उसकी सैलरी दोगुनी हो सकती है। इसी झांसे में आकर 2024 में उसने अकरम से 80 हजार रुपए में यह दोनाली बंदूक और फर्जी लाइसेंस खरीद लिया। अकबरनगर आकर उसने मुझे हथियार सौंपा था। अकरम की तलाश में छापेमारी की जा रही है।


