खगड़िया जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत गंगौर थाना क्षेत्र की कासिमपुर पंचायत के वार्ड संख्या-5 में मंगलवार सुबह सर्पदंश से 67 वर्षीय महिला रानी देवी की मौत हो गई। रानी देवी जयप्रकाश सिंह की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, रानी देवी सुबह अपने घर में रसोई का काम कर रही थीं। इसी दौरान वह घर में रखे अनाज को निकालने के लिए भंडारण स्थल के पास गईं। बताया गया कि अनाज रखने की जगह पर एक विषैला सांप छिपा हुआ था, जिसने रानी देवी को डस लिया। इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल ले गए
सर्पदंश के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बरसात में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं
रानी देवी की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का बुरा हाल है, और गांव में भी उदासी छा गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन मद के तहत आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। खगड़िया जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत गंगौर थाना क्षेत्र की कासिमपुर पंचायत के वार्ड संख्या-5 में मंगलवार सुबह सर्पदंश से 67 वर्षीय महिला रानी देवी की मौत हो गई। रानी देवी जयप्रकाश सिंह की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, रानी देवी सुबह अपने घर में रसोई का काम कर रही थीं। इसी दौरान वह घर में रखे अनाज को निकालने के लिए भंडारण स्थल के पास गईं। बताया गया कि अनाज रखने की जगह पर एक विषैला सांप छिपा हुआ था, जिसने रानी देवी को डस लिया। इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल ले गए
सर्पदंश के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बरसात में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं
रानी देवी की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का बुरा हाल है, और गांव में भी उदासी छा गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन मद के तहत आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।


