जहानाबाद उत्पाद विभाग ने सदर थाना क्षेत्र के राजा बाजार स्थित शिक्षक कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक मकान से 570 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की, जिसकी कुल मात्रा 322.74 लीटर है। बरामद शराब की कीमत लगभग पांच लाख रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। उत्पाद अधीक्षक दिलीप कुमार पाठक ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त मकान में भारी मात्रा में शराब रखी गई है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने छापेमारी कर मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग ब्रांड की 570 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। छापेमारी के दौरान मौके पर नहीं मिले दो किरायेदार छापेमारी के समय मकान में केवल एक महिला मौजूद थी, जिससे टीम ने पूछताछ की और मकान तथा उसमें रहने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई। जांच में मकान मालिक का नाम देव कृष्ण सामने आया है। मकान में सौरभ और गौरव नामक दो किरायेदार भी रहते थे, लेकिन वे छापेमारी के दौरान मौके पर नहीं मिले। उत्पाद विभाग ने मकान मालिक से किरायेदारों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और किरायानामा प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन अब तक कोई किरायानामा उपलब्ध नहीं कराया गया है। उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि किरायेदारों के संबंध में दस्तावेज न दिए जाने के कारण मकान मालिक की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इस मामले में मकान मालिक देव कृष्ण के साथ-साथ किरायेदार सौरभ और गौरव के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम और शराबबंदी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जहानाबाद उत्पाद विभाग ने सदर थाना क्षेत्र के राजा बाजार स्थित शिक्षक कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक मकान से 570 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की, जिसकी कुल मात्रा 322.74 लीटर है। बरामद शराब की कीमत लगभग पांच लाख रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। उत्पाद अधीक्षक दिलीप कुमार पाठक ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त मकान में भारी मात्रा में शराब रखी गई है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने छापेमारी कर मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग ब्रांड की 570 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। छापेमारी के दौरान मौके पर नहीं मिले दो किरायेदार छापेमारी के समय मकान में केवल एक महिला मौजूद थी, जिससे टीम ने पूछताछ की और मकान तथा उसमें रहने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई। जांच में मकान मालिक का नाम देव कृष्ण सामने आया है। मकान में सौरभ और गौरव नामक दो किरायेदार भी रहते थे, लेकिन वे छापेमारी के दौरान मौके पर नहीं मिले। उत्पाद विभाग ने मकान मालिक से किरायेदारों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और किरायानामा प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन अब तक कोई किरायानामा उपलब्ध नहीं कराया गया है। उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि किरायेदारों के संबंध में दस्तावेज न दिए जाने के कारण मकान मालिक की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इस मामले में मकान मालिक देव कृष्ण के साथ-साथ किरायेदार सौरभ और गौरव के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम और शराबबंदी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


