रायबरेली जनपद की सभी छह तहसीलों—सदर, महराजगंज, सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज में शनिवार को ‘तहसील संपूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान 600 से अधिक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 168 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी सरनीत कौर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने स्वयं सदर तहसील परिसर में उपस्थित रहकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जन-सुनवाई में आने वाली शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल किया जाए और उन्हें लंबित न रखा जाए। सदर तहसील में समाधान दिवस आयोजन के समय रामवती नाम की महिला फरियादी जिनकी उम्र लगभग 48 वर्ष की थी अचानक उनके साड़ी का पल्लू फर्रटा पंखे में फस गया जिससे मौके पर हड़कंप मच गया, तत्काल कर्मचारियों ने स्विच ऑफ करते हुए पल्लू को बाहर निकाला, करीब 15 मिनट तक इस दौरान जन सुनवाई बंद रही। ऊंचाहार तहसील में समाधान दिवस की अध्यक्षता एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने की, जबकि अन्य तहसीलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) ने मोर्चा संभाला और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का निराकरण किया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित विवादों की संख्या अधिक थी। इन मामलों के त्वरित समाधान के लिए संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें सीधे मौके पर जाकर जमीन संबंधी विवादों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी और निष्पक्षता से मामलों का निस्तारण कराएंगी। समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में मादक पदार्थों की बिक्री और गांजा पीने जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए ताकि आम आदमी को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।


